नई दिल्ली/चंडीगढ़ : राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने रूस में फंसे भारतीय युवाओं की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को पत्र लिखकर तत्काल कूटनीतिक हस्तक्षेप की मांग की है। अपने पत्र में उन्होंने युद्ध के दौरान लापता हुए भारतीय युवाओं की तलाश कराने तथा युद्ध में जान गंवा चुके भारतीय नागरिकों के परिवारों को रूसी सरकार से मिलने वाला उचित मुआवजा दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया है। संत सीचेवाल ने कहा कि वह इस मुद्दे को लंबे समय से संसद में लगातार उठाते रहे हैं और शून्यकाल के दौरान भी इस विषय पर अपनी आवाज बुलंद कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि हालांकि भारत सरकार ने इस संबंध में रूस के साथ बातचीत की है, फिर भी कई भारतीय युवा अब भी वहां फंसे हुए हैं।
उन्होंने कहा कि वह वर्तमान मानसून सत्र के दौरान भी इस मुद्दे को उठाना चाहते थे, लेकिन संसद की कार्यवाही प्रभावित रहने के कारण ऐसा संभव नहीं हो सका।उन्होंने बताया कि इस समय उनके पास रूस में फंसे या प्रभावित 10 भारतीय युवाओं के मामले हैं। इनमें कुछ युवा अब भी रूस में फंसे हुए हैं, कुछ लापता हैं और कुछ युद्ध के दौरान अपनी जान गंवा चुके हैं। उन्होंने विशेष रूप से महिकप्रीत सिंह के मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि वह स्टडी वीजा पर रूस गए थे और वर्तमान में हिरासत में हैं। परिवार द्वारा अदालत का जुर्माना जमा कराने के बावजूद उन्हें रिहा नहीं किया गया है।उन्होंने गगनदीप सिंह का मामला भी उठाया, जो रूसी सेना में रहते हुए यूक्रेन युद्ध के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गए और इस समय अस्पताल में उपचाराधीन हैं। उन्होंने कहा कि जरनैल सिंह, हरविंदर सिंह और जगरूप सिंह लंबे समय से रूसी सेना में लापता हैं। केंद्र सरकार को रूसी अधिकारियों के साथ संपर्क कर उनकी तलाश करानी चाहिए तथा उनके परिवारों को सही जानकारी उपलब्ध करानी चाहिए।उन्होंने अमृतसर के हीरा सिंह के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उनका पार्थिव शरीर अब तक भारत नहीं पहुंच सका है।
उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार रूसी अधिकारियों के साथ समन्वय कर पार्थिव शरीर को भारत लाने तथा परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए तत्काल कदम उठाए। उन्होंने यह भी कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध में मारे गए भारतीय युवाओं के परिवारों को रूसी सरकार से मिलने वाला उचित मुआवजा दिलाने के लिए केंद्र सरकार पहल करे।उन्होंने कहा कि मानव तस्करी और अवैध एजेंटों के नेटवर्क की भी गहन जांच होनी चाहिए, क्योंकि कई एजेंट युवाओं की कमाई और बैंक खातों पर भी कब्जा कर लेते हैं, जबकि पीछे उनके परिवार आर्थिक और मानसिक रूप से गंभीर कठिनाइयों का सामना करते हैं।संत सीचेवाल ने कहा कि अविनाश कुमार, विशाल सिंह, रणजीत सिंह, रमणजीत सिंह और सिकंदर सिंह सहित कई अन्य भारतीय युवा भी रूस में फंसे हुए हैं। उनके परिवार लगातार चिंता और अनिश्चितता के बीच जीवन बिता रहे हैं। उन्होंने अपील की कि भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय तत्काल प्रभावी हस्तक्षेप कर सभी भारतीय युवाओं की सुरक्षा और स्वदेश वापसी सुनिश्चित करें।
कानूनी पेचों में फंसाकर जबरन सेना में भर्ती करने के दावा – संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने बताया कि कुछ प्रभावित परिवारों का दावा है कि रूस में कुछ भारतीय युवाओं को जानबूझकर कानूनी और प्रशासनिक पेचों में फंसा दिया जाता है। इसके बाद उन्हें हिरासत या अन्य प्रकार के दबाव में रखकर रूसी सेना में भर्ती होने के लिए मजबूर करने की कोशिश की जाती है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि इस मामले को रूसी अधिकारियों के समक्ष पूरी गंभीरता से उठाकर निष्पक्ष जांच कराई जाए।



