HomeNationalपंजाब कांग्रेस में बड़े बदलाव की आहट : अध्यक्ष पद से राजा...

पंजाब कांग्रेस में बड़े बदलाव की आहट : अध्यक्ष पद से राजा वडिंग का इस्तीफा,नए चेहरे की तलाश में कांग्रेस

चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक छह महीने पहले कांग्रेस पार्टी में बड़ी सियासी हलचल देखने को मिली है। पंजाब कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह कदम तब उठा जब हाल ही में भूपेश बघेल की जगह सचिन पायलट को पंजाब का प्रभारी नियुक्त किया गया। इस राजनीतिक घटना के बाद अब नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर अटकलें तेज हो चुकी हैं और पार्टी अगले 24 से 48 घंटों में नए नाम की घोषणा कर सकती है।नए अध्यक्ष पद की दौड़ में कई नाम प्रमुखता से शामिल हैं। पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंगला इस रेस में सबसे आगे बताए जा रहे हैं। वह हिंदू बनिया समुदाय से आते हैं और पंजाब सरकार में मंत्री रह चुके हैं। कांग्रेस ने हाल ही में उन्हें चुनाव प्रबंधन समिति का अध्यक्ष भी बनाया था। राज्य के हिंदू मतदाताओं को साधने के लिए कांग्रेस उनके चेहरे पर दांव खेल सकती है।

अन्य दावेदारों में जालंधर कैंट से विधायक और पूर्व हॉकी कप्तान परगट सिंह और गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा भी शामिल हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, विजय इंदर सिंगला के अध्यक्ष बनने के बाद चुनाव अभियान समिति की कमान दलित चेहरे के रूप में चरणजीत सिंह चन्नी को दिए जाने की संभावना है।वडिंग का इस्तीफा पार्टी के भीतर लंबे समय से चली आ रही गुटबाजी और अंदरूनी कलह का परिणाम है। उन्होंने तब पंजाब कांग्रेस की कमान संभाली थी जब आम आदमी पार्टी (आप) से करारी हार के बाद पार्टी आंतरिक खींचतान से जूझ रही थी। हालांकि, उनके कार्यकाल में भी यह स्थिति नहीं सुधरी और हाल के महीनों में यह अपने चरम पर पहुंच गई थी। पंजाब कांग्रेस में दो प्रमुख गुट आमने-सामने थे – एक राजा वडिंग, जिसे भूपेश बघेल का समर्थन प्राप्त था, और दूसरा पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का गुट, जिसे विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा का समर्थन मिल रहा था।

जुलाई में हाईकमान द्वारा वडिंग को पद पर बनाए रखने के फैसले ने गुटबाजी को और गहरा कर दिया था। गुटबाजी की खबरें राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बनने के बाद, कांग्रेस हाईकमान ने सितंबर महीने में भूपेश बघेल को पंजाब प्रभारी पद से हटाकर राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट को यह जिम्मेदारी सौंपी। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के करीबी माने जाने वाले सचिन पायलट का पहला काम सभी गुटों को एक मंच पर लाकर एकजुटता का संदेश देना था। इस पहल का चन्नी, वडिंग और बाजवा सहित सभी नेताओं ने स्वागत किया। सितंबर के अंतिम दिनों में राजा वडिंग का इस्तीफा ले लिया गया, ताकि विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी में नए सिरे से संतुलन स्थापित किया जा सके।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments