नई दिल्ली। प्रधानमंत्री के 51 वें प्रगति सम्मेलन के दौरान दिए गए निर्देशों के अनुसरण में, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के अवसंरचना के अंतर्गत लक्षित, केपीआई-आधारित कार्रवाई और गहन एवं तकनीकी-सक्षम निगरानी का लाभ उठाकर स्वच्छता के उच्च मानदंड को प्रदर्शित करने के लिए प्रगति-50 पहल के अंतर्गत 50 मॉडल शहरों की पहचान की है।केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि 24 राज्यों के ये 50 शहर स्वच्छता के नियमित कार्यों से आगे बढ़कर निरंतर और उच्च प्रदर्शन मानकों को प्रदर्शित करते हुए देश के बाकी हिस्सों के लिए आदर्श शहर बनकर उभरेंगे। हमने प्रमुख शहरों, सांस्कृतिक महत्व के शहरों, प्रमुख पर्यटन स्थलों और आर्थिक केंद्रों को शामिल करना सुनिश्चित किया है।
इस पहल का उद्देश्य एक निर्धारित समय सीमा के भीतर निगरानी और समीक्षा के एक संरचित ढांचे के माध्यम से शहरी स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, प्रयुक्त जल प्रबंधन, स्वच्छता और नागरिक भागीदारी में स्पष्ट सुधार लाना है। परिणाम-आधारित आकलन और तकनीक-आधारित निगरानी के माध्यम से प्रगति की निरंतर समीक्षा की जाएगी। इन शहरों की प्रगति पर नजर रखने के लिए मैं व्यक्तिगत रूप से हर दूसरे महीने समीक्षा बैठकों की अध्यक्षता करूंगा।आवास और शहरी मामलों के राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि पिछले एक दशक में स्वच्छता एक जन आंदोलन से विकसित होकर जीवनशैली बन गई है। साहू ने कहा कि इससे शहरों को निर्धारित समय सीमा के भीतर कचरा मुक्त शहरों का लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी और वे अन्य शहरी केंद्रों के लिए आदर्श बन सकेंगे।
उन्होंने राज्यों और शहरी स्थानीय निकायों से सूक्ष्म स्तर की कार्य योजनाएं तैयार करने और उनके त्वरित एवं प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने का आह्वान किया।मंत्री ने कहा कि भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बनकर उभरा है। आईआईटी कानपुर के सहयोग से तीसरे बैच का शुभारंभ मिशन के अंतर्गत 75 स्टार्टअप को शामिल करने और उन्हें विकसित करने के राष्ट्रीय लक्ष्य की उपलब्धि को भी दर्शाता है।शहरी विकास विभाग के सचिव सतेंद्र सिंह ने कहा कि नागरिकों के बेहतर अनुभव और समग्र सेवा वितरण को सुनिश्चित करने के लिए प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल संपूर्ण शहर के दृष्टिकोण को अपनाती है, जिससे सभी हितधारकों, भागीदारों और शहरी स्थानीय निकायों को योजना और कार्यान्वयन में शामिल किया जा सके।



