नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नई कार्य संस्कृति और महत्वाकांक्षी फैसलों के साथ 140 करोड़ लोगों के हित को सर्वोपरि रखते हुए महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए हैं। नए पीएमओ भवन ‘सेवातीर्थ’ में पहली कैबिनेट बैठक का आयोजन हुआ। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह संकल्प लिया गया कि सभी नीतिगत निर्णय संविधान के मूलभूत सिद्धांतों के अनुरूप होंगे। मंत्रिमंडल ने केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने का फैसला किया। इसके साथ ही महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, बिहार और झारखंड के आठ जिलों में तीन मल्टी-ट्रैकिंग रेल परियोजनाओं को मंजूरी देने जैसे बड़े फैसलों को हरी झंडी दी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में, यह संकल्प भी लिया गया कि संवैधानिक मूल्य उस नैतिक प्रतिबद्धता की अभिव्यक्ति है, जो शासन को नागरिक की गरिमा, समानता और न्याय से जोड़ती है। सेवा तीर्थ की कार्य-संस्कृति में यही भावना निहित होगी, जहां हर नीति संविधान की मूल भावना के अनुरूप होगी और हर निर्णय देशवासियों की आकांक्षाओं के प्रति उत्तरदायी होगा। यह बैठक एवं यह भवन नये भारत के नवनिर्माण की एक स्पष्ट अभिव्यक्ति है।
एक सरकारी रिलीज के अनुसार, इस शुरूआत के साथ, हम उस भविष्य का स्वागत कर रहे हैं, जिसके निर्माण में सदियों का श्रम लगा है। आजादी के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) साउथ ब्लॉक में इतने दशकों तक सरकारों ने विरासत को संभाला और भविष्य के सपने देखे। इसमें कहा गया है, हमने एक ऐसे भारत के सपने देखे, जिसकी सोच स्वदेशी हो, स्वरूप आधुनिक हो, और सामथ्र्य अनंत हो। आज यह सेवातीर्थ उसी संकल्पना का वह मूर्त रूप है जो लोकतंत्र की जननी के रूप में भारत के गौरव को बढ़ाएगा।



