HomeNationalपराली जलाने के मामलों में कमी की केंद्र सरकार द्वारा पुष्टि, पंजाब...

पराली जलाने के मामलों में कमी की केंद्र सरकार द्वारा पुष्टि, पंजाब के किसानों की बड़ी जीत

चंडीगढ़ : पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने केंद्र सरकार से कहा कि पराली जलाने के मामलों को रोकने में पंजाब की सफलता को केवल स्वीकार करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि अब केंद्र को राज्य के लंबित वित्तीय बकाया जारी कर न्याय करना चाहिए।केंद्रीय पर्यावरण राज्य मंत्री श्री कीर्ति वर्धन सिंह द्वारा लोकसभा में पेश किए गए आंकड़ों, जिनमें वर्ष 2022 से पंजाब और हरियाणा में फसल अवशेष जलाने की घटनाओं में 90 प्रतिशत से अधिक की सामूहिक कमी की पुष्टि की गई है, पर बोलते हुए स गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि केंद्र सरकार ने आखिरकार सच्चाई को स्वीकार कर लिया है, लेकिन ग्रामीण विकास फंड (आर डी एफ ) के 8800 करोड़ रुपये के बकाया को रोकना अनुचित है।

उन्होंने टिप्पणी की कि यह विडंबना है कि पंजाब के किसान पराली जलाने की घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं और देश का “अन्नदाता” होने के नाते देश का पेट भी भर रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार राज्य को उसके जायज बकाये का भुगतान करने से इंकार कर रही है।केंद्र सरकार की इस पुष्टि पर प्रतिक्रिया देते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि इन आंकड़ों ने उन आलोचकों को पूरी तरह शांत कर दिया है, जो लगातार पंजाब के किसानों को निशाना बनाते थे और उत्तर भारत के वायु प्रदूषण संकट के लिए राज्य को जिम्मेदार ठहराते थे। जिन्होंने पंजाब के खिलाफ बदनाम करने का अभियान चलाया और दावा किया कि पराली जलाना कभी खत्म नहीं होगा, उन्हें अब अपने शब्द वापस लेने चाहिए।

उन्होंने कहा, “सालों से हमारे किसानों को बदनाम किया जाता रहा और दिल्ली की बिगड़ती वायु गुणवत्ता के लिए अकेले पंजाब को जिम्मेदार ठहराया जाता था। अब केंद्र सरकार के अपने सैटेलाइट डेटा, जो संसद में औपचारिक रूप से प्रस्तुत किए गए हैं, ने सभी झूठे दावों को खारिज कर दिया है। 90 प्रतिशत से अधिक कमी की पुष्टि वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित है।”कृषि मंत्री ने कृषि मशीनीकरण के लिए राज्य सरकार के प्रयासों को उजागर करते हुए बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान राज्यभर के किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन (सी आर एम ) मशीनरी की खरीद पर 416 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई।

आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 600 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान के साथ, उन्होंने भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार पराली जलाने की समस्या का एक टिकाऊ और दीर्घकालिक समाधान प्रस्तुत करेगी।उन्होंने कहा, “पराली के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए 600 करोड़ रुपये की कार्ययोजना के साथ मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ऐसे संसाधनों में निवेश कर रही है, जो सुनिश्चित करेंगे कि किसानों को दोबारा पराली जलाने की आवश्यकता न पड़े।”

कृषि मंत्री ने ग्रामीण विकास फंड (आर डी एफ) के 8800 करोड़ रुपये के बकाया को तुरंत जारी करने की मांग दोहराते हुए कहा कि यह राशि कई खरीद सीजनों से रोकी जा रही है। उन्होंने कहा, “हम सुप्रीम कोर्ट तक गए हैं, हर दरवाजा खटखटाया है, लेकिन अब तक फंड जारी नहीं किए गए हैं।”पंजाब के किसानों के सहयोग और आधुनिक मशीनरी अपनाने की उनकी इच्छाशक्ति की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे देश के सच्चे अन्नदाता हैं। उन्होंने कहा कि उचित सहयोग मिलने पर किसान वह सब हासिल कर सकते हैं, जिसे कभी असंभव माना जाता था।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments