चंडीगढ़, – हरियाणा के लिए यह गौरव का विषय है कि हरियाणा विधान सभा को पहली बार राष्ट्रमंडल संसदीय संघ के इंडिया रीजन के नॉर्थ जोन-2 सम्मेलन की मेजबानी का अवसर मिला है। 8 से 10 जून तक चंडीगढ़ में आयोजित होने वाले इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों के पीठासीन अधिकारी तथा वरिष्ठ जनप्रतिनिधि भाग लेंगे।सम्मेलन की अध्यक्षता लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला करेंगे। कार्यक्रम में राज्य सभा के उप-सभापति हरिवंश, हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तथा अन्य विशिष्ट अतिथि भी भाग लेंगे। पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया को भी सम्मेलन में आमंत्रित किया गया है।
इस सम्मेलन में देश के आधे से अधिक राज्यों के विधान मंडलों ने अपनी सहभागिता की सहमति प्रदान की है। अब तक आंध्र प्रदेश, दिल्ली, गोवा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल सहित 15 राज्य विधान मंडलों ने सम्मेलन में भाग लेने की पुष्टि की है। इससे सम्मेलन की राष्ट्रीय महत्ता और व्यापक प्रतिनिधित्व का पता चलता है।हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण सम्मेलन की तैयारियों की स्वयं नियमित समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कार्यक्रम स्थलों, आवास व्यवस्था, परिवहन, सुरक्षा, प्रोटोकॉल, मीडिया प्रबंधन तथा अतिथि सत्कार से संबंधित व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया है। वे प्रत्येक व्यवस्था का व्यक्तिगत रूप से जायजा लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं ताकि सभी प्रतिनिधियों को उत्कृष्ट अनुभव प्रदान किया जा सके।
विधान सभा अध्यक्ष ने हाल ही में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से भी मुलाकात कर सम्मेलन की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार की ओर से सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया है। राज्य सरकार ने सम्मेलन को ‘स्टेट फंक्शन’ घोषित किया है, जिससे इस आयोजन को आवश्यक प्रशासनिक और संस्थागत सहयोग उपलब्ध हो सके।विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि यह सम्मेलन न केवल संसदीय लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा, बल्कि इससे विभिन्न राज्यों के बीच संसदीय अनुभवों और सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान को भी नई गति मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हरियाणा की मेजबानी में आयोजित यह सम्मेलन अपनी विषयवस्तु, व्यवस्थाओं और निष्कर्षों के कारण एक यादगार आयोजन सिद्ध होगा।



