चंडीगढ़। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा से जुड़े 100 करोड़ रुपये के कथित जीएसटी धोखाधड़ी मामले में एक और बड़े तलाशी अभियान को अंजाम दिया। दिल्ली-एनसीआर के साथ-साथ पंजाब के लुधियाना और जालंधर में कई ठिकानों पर छापेमारी की गई। जांच अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई मोबाइल फोन की बिक्री से संबंधित धोखाधड़ी के आरोपों की मनी लॉन्ड्रिंग जांच का हिस्सा है।ईडी ने जालंधर में नगर निगम के ठेकेदार अमित बजाज के परिसरों पर छापा मारा, जिनके बड़े भाई इंदरजीत बजाज के साथ वे पंजाब और गुजरात सहित कई राज्यों में सरकारी ठेकों से जुड़े रहे हैं।
मंत्री अरोड़ा को बीते महीने 9 मई को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया था और वे अभी न्यायिक हिरासत में हैं। अपनी गिरफ्तारी को मनमाना, बिना पर्याप्त आधार के और असंवैधानिक बताकर अरोड़ा ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका दायर कर तत्काल रिहाई की मांग की है। उन्होंने अपनी याचिका में ईडी की कार्रवाई को संविधान के अनुच्छेद 14, 21 और 22 के तहत प्रदत्त सुरक्षा उपायों का उल्लंघन बताया है।
दूसरी ओर, आप नेता अरोड़ा की कंपनी हैम्पटन स्काई रियल्टी, जिस पर कथित धोखाधड़ी का आरोप है, ने सभी आरोपों से इंकार किया है। कंपनी ने कहा कि उसने मई 2023 में मोबाइल-फोन निर्यात कारोबार में कदम रखा था और यह मेक इन इंडिया तथा प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना के तहत केंद्र सरकार का प्राथमिकता वाला क्षेत्र है। कंपनी ने राउंड-ट्रिपिंग या फर्जी निर्यात के सभी आरोपों को खारिज कर कहा कि विदेश में कोई रकम नहीं रखी गई या वापस भेजी गई। हैम्पटन स्काई रियल्टी ने खुद को सप्लायर की तरफ से हुई कथित धोखाधड़ी का शिकार बताया है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि 2024 में भी अरोड़ा को औद्योगिक भूमि को आवासीय परियोजनाओं में बदलने के कथित मामले में ईडी की छापेमारी का सामना करना पड़ा था, जब वह राज्यसभा सांसद थे।



