नई दिल्ली। जापान की पीएम साने ताकाइची तीन दिवसीय दौरे पर भारत आ रही हैं। पीएम ताकाइची 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में शामिल होंगी। पीएम ताकाइची 1-3 जुलाई तक नई दिल्ली के आधिकारिक दौरे पर रहेंगी। यह समिट दोनों पक्षों को द्विपक्षीय सहयोग के पूरे स्पेक्ट्रम की समीक्षा करने और मजबूत करने के साथ-साथ परस्पर हितों के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर देगा। यह जापानी पीएम ताकाइची का भारत का पहला आधिकारिक दौरा होगा। इससे पहले पीएम मोदी अगस्त 2025 में जापान के दौरे पर गए थे, जहां वे 15वें भारत-जापान सालाना समिट में शामिल हुए। यह भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को और बढ़ाने के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को दिखाता है।
इससे पहले पीएम मोदी ने अगस्त 2025 में टोक्यो में जापान के तत्कालीन पीएम शिगेरु इशिबा के साथ भारत-जापान आर्थिक मंच कार्यक्रम में शीर्ष उद्योग जगत के नेताओं को संबोधित करते हुए दोनों देशों के बीच मजबूत आर्थिक साझेदारी पर प्रकाश डाला और द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करने के लिए पांच-पॉइंट रोडमैप पेश किया। पीएम मोदी ने कहा अभी भारत-जापान बिजनेस फोरम की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।दो दिवसीय जापान दौरे पर पीएम मोदी ने प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष नुकागा फुकुशिरो और जापानी सांसदों के एक समूह के साथ एक बैठक की थी। इस दौरान भारत और जापान के बीच मजबूत और मैत्रीपूर्ण संबंधों पर चर्चा हुई। इसके अलावा, उन्होंने टोक्यो में जापान के 16 प्रांतों के राज्यपालों से मुलाकात की थी।
उन्होंने इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने से संबंधित कई समझौते पर मुहर लगी थी। पीएम मोदी ने जापान के पीएम शिगेरु इशिबा के साथ मियागी प्रांत के सेंडाई शहर का दौरा किया था। इस दौरान दोनों नेताओं ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र की अग्रणी कंपनी टोक्यो इलेक्ट्रॉन मियागी लिमिटेड का दौरा किया। कारखाने में उन्हें टीईएल की वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में भूमिका, उन्नत मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और भारत के साथ वर्तमान व भविष्य के सहयोग के बारे में जानकारी दी गई थी।इस दौरे से दोनों देशों के बीच सेमीकंडक्टर निर्माण, टेस्टिंग और सप्लाई चेन में सहयोग के अवसरों की व्यावहारिक समझ बनी। पीएम मोदी की इस यात्रा को भारत के उभरते सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम और जापान की उन्नत तकनीक के बीच सामंजस्य के तौर पर रेखांकित किया गया। इस दौरान मजबूत, लचीली और भरोसेमंद सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन विकसित करने के साझा लक्ष्य पर भी जोर दिया गया।



