नई दिल्ली । केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तथा राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा ने बुधवार रात आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में नीट पेपर लीक और अन्य परीक्षा अनियमितताओं के मुद्दे पर कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के साथ किसी भी तरह का अन्याय नहीं होने देगी और इस संवेदनशील विषय पर संसद में हर पहलू पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। साथ ही उन्होंने विपक्ष से इस मुद्दे का राजनीतिकरण न करने की अपील की।उन्होंने प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि छात्रों की आड़ में राजनीति कर रहे हैं, जो कि देश की जनता के खिलाफ छलावा है।
भाजपा मुख्यालय में पत्रकारों को संबोधित करते हुए नड्डा ने कहा कि पेपर लीक का मामला करोड़ों छात्रों के भविष्य से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसे राजनीतिक लाभ-हानि के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार इस विषय को अत्यंत गंभीरता से ले रही है और यदि किसी भी परीक्षा में गड़बड़ी या अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।नड्डा ने कहा कि छात्रों की मांगों और पेपर लीक जैसे गंभीर विषय का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। यह राजनीतिक रोटियां सेंकने का विषय नहीं है, बल्कि छात्रों के भविष्य का सवाल है। सरकार इस मुद्दे पर संसद में विस्तार से चर्चा करने के लिए तैयार है और चर्चा के लिए संसद से बेहतर कोई मंच नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा कि सरकार नीट पेपर लीक सहित परीक्षा प्रणाली से जुड़े हर पहलू पर चर्चा के लिए तैयार है। यदि विपक्ष के पास कोई तथ्य या सुझाव हैं तो उन्हें संसद में रखा जाना चाहिए, ताकि सभी पक्षों की बात सामने आए और प्रभावी समाधान निकाला जा सके।राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए नड्डा ने आरोप लगाया कि वे परीक्षा पेपर लीक के मुद्दे को चुनिंदा तरीके से उठाते हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी केवल भाजपा शासित राज्यों की घटनाओं को प्रमुखता देते हैं, जबकि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के शासन वाले राज्यों में हुई ऐसी ही घटनाओं पर चुप्पी साध लेते हैं। उन्होंने सवाल किया कि यदि छात्रों के हित की वास्तविक चिंता है तो सभी राज्यों में हुई घटनाओं पर समान रूप से आवाज उठाई जानी चाहिए।
नड्डा ने कहा कि राहुल गांधी ने संसद में अपने प्रस्तुतीकरण के दौरान लगभग 150 पेपर लीक की घटनाओं का उल्लेख किया था। सरकार इन सभी मामलों की जांच कराने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि यह जांच का विषय है और एक जिम्मेदार सरकार के रूप में केंद्र हर मामले की सच्चाई सामने लाने का काम करेगा। जांच के आधार पर तथ्य देश और जनता के सामने रखे जाएंगे तथा जहां भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।



