मुंबई । बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अनिल कपूर ने अपने पूरे फिल्मी करियर में हमेशा ऐसी फिल्मों का समर्थन किया है, जिनमें महिलाओं के मजबूत और प्रभावशाली किरदार कहानी का केंद्र रहे हैं। उनका दृढ़ता से मानना है कि सिनेमा को महिलाओं की दमदार आवाज और उनकी अहम भूमिका को और अधिक जगह देनी चाहिए। हाल ही में अपनी नई फिल्म अल्फा को लेकर इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट साझा करते हुए, अनिल कपूर ने अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने लिखा कि यह विश्वास केवल उनकी फिल्मों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उनके निजी जीवन की मजबूत महिलाओं ने भी उनकी इस सोच को और पुख्ता किया है।
अनिल कपूर ने अपने पोस्ट में इस बात पर जोर दिया कि, मैं हमेशा से मानता आया हूं कि हमें ऐसी फिल्मों की ज़रूरत है, जिनमें मजबूत महिला मुख्य किरदार और उनकी आवाज हो। उन्होंने अपने फिल्मी सफर से उदाहरण देते हुए कहा कि, चाहे वर्षों पहले जुदाई और लम्हे जैसी फिल्मों में अभिनय करना हो या फिर खूबसूरत, वीरे दी वेडिंग और क्रू जैसी फिल्मों का निर्माण करना, उन्होंने हमेशा ऐसी महिला किरदारों का भरपूर समर्थन किया है जो कहानी की धुरी हों और अपनी पहचान बनाती हों। अभिनेता ने आगे कहा कि उनकी इस सोच के पीछे शायद यह वजह है कि वे दो बेहद मजबूत बेटियों, सोनम कपूर और रिया कपूर, के पिता हैं और एक बेहद सशक्त महिला के पति भी हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि महिलाओं की ऊर्जा आज दुनिया को बदल रही है और यह एक जीवन की सच्चाई है, जिसे स्वीकार करना बेहद आवश्यक है।
अनिल कपूर ने इस बात पर भी खुशी जताई कि उन्हें आदित्य चोपड़ा, शिव, बॉबी, आलिया भट्ट, शरवरी वाघ और पूरी वाईआरएफ टीम के साथ काम करने का अवसर मिला है। उनका कहना है कि ये सभी भी महिलाओं को केंद्र में रखकर कहानियां बनाने में विश्वास रखते हैं, और ऐसी समान विचारधारा ही अल्फा जैसी महत्वपूर्ण और सशक्त फिल्मों को संभव बनाती है। यह फिल्म वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स की सातवीं कड़ी है, जिसमें आलिया भट्ट, शरवरी वाघ, अनिल कपूर और बॉबी देओल मुख्य भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। अल्फा की कहानी एक बेहद प्रशिक्षित महिला कीलर के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे एक बागी कमांडर ने दुनिया से अलग रखकर एक सुपर-सोल्जर के रूप में तैयार किया है। जब उसे अपने परिवार और बचपन से जुड़ा एक चौंकाने वाला सच पता चलता है, तो वह अपनी वर्षों से बिछड़ी बहन के साथ मिलकर अपना बदला लेने के मिशन पर निकल पड़ती है। यह फिल्म सिनेमा में महिला किरदारों की बढ़ती अहमियत को दर्शाती है।



