मुंबई । अपकमिंग पौराणिक फिल्म श्री रामायण कथा में अभिनेत्री अंजलि अरोड़ा माता सीता का प्रतिष्ठित रोल निभाने वाली हैं। अभिनेत्री अंजलि का मानना है कि यह महत्वपूर्ण भूमिका उन्हें भगवान राम और हनुमान जी के आशीर्वाद से मिली है। अंजलि ने बताया कि वे हर मंगलवार को हनुमान मंदिर जाती हैं और वहां प्रार्थना करती हैं कि उन्हें वही मिले जो उनके हक का है। इस भूमिका के मिलने के पीछे की कहानी बताते हुए, अंजलि ने उस पल को भी याद किया जब निर्देशक अभिषेक सिंह उनके पास इस रोल के लिए आए थे और उन्हें माता सीता के रूप में उनकी एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से बनी तस्वीर दिखाई थी।
अंजलि अरोड़ा ने बताया, जब मेरे लिए यह रोल मेकर्स लेकर आए, तो उन्होंने मुझे मेरी फोटो का एआई वर्जन दिखाया, जिसे देखकर मुझे हंसी आ गई थी। मैं खुद को पहचान भी नहीं पा रही थी। तो सर ने कहा, हां ये तुम ही हो। शुरुआत में तो मैंने सर से कहा भी था कि क्या आपको सच में लगता है कि मैं ये रोल कर पाऊंगी, तो सर ने मुझसे कहा था कि तुम कर सकती हो। यह उनके लिए एक बड़ा और अप्रत्याशित अवसर था, जिससे वे पहले थोड़ी झिझक रही थीं।अभिनेत्री अंजलि अरोड़ा ने बताया कि उन्होंने काफी समय लेने और सोचने के बाद ही इस रोल के लिए हामी भरी थी।
उन्होंने अपने आध्यात्मिक जुड़ाव पर जोर देते हुए कहा, तो फिर मैंने थोड़ा समय लिया, मैंने सोचा कि अगर मुझे ये चीज मिल रही है तो शायद ये एक आशीर्वाद है।क्योंकि मैं हमेशा हर मंगलवार को हनुमान मंदिर जाती हूं और मैं हमेशा प्रार्थना करती हूं कि मुझे वही मिले जो मेरे हक का है। तो शायद उन्होंने ही आशीर्वाद के रूप में मुझे ये रोल दिया है। यह दर्शाता है कि वे इस भूमिका को केवल एक अभिनय अवसर नहीं, बल्कि एक दिव्य देन के रूप में देखती हैं। अंजलि का कहना है कि उन्होंने मां सीता के रोल को पूरी ईमानदारी से निभाने की कोशिश की है।
साथ ही, उन्होंने मां सीता से जुड़े गुणों को समझने पर गहन काम किया है ताकि वे किरदार के साथ पूर्ण न्याय कर सकें।अभिनेत्री ने अपनी तैयारी के बारे में बताते हुए कहा, मैंने इसे पूरी तरह से खुद निभाने की कोशिश की है। सीता माता का हर गुण, उनका धैर्य, त्याग, हर धर्म के पालन को निभाने की कोशिश की है। जब आप मेरे द्वारा निभाए रोल को सिनेमा में देखेंगी, तो आप बता पाएंगी कि कैसी परफॉर्मेंस है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अंततः दर्शकों की प्रतिक्रिया ही मायने रखती है। हर एक्टर खुद परफॉर्म करता है और अपना बेस्ट देता है। अब ये दर्शकों के हाथ में है कि वो इसे स्वीकार करते हैं या नहीं, क्योंकि उन्हें ये पसंद आ भी सकता है और नहीं भी।



