नमित मल्होत्रा के प्रोडक्शन वाली 4 हजार करोड़ रुपए की लागत वाली रामायण – राइज ऑफ अ लीजेंड फिल्म के लिए दर्शकों में भारी उत्साह बना हुआ है और एडवांस बुकिंग के आंकड़े तेजी से बढ़ते नजर आ रहे हैं। रणबीर कपूर और साई पल्लवी अभिनीत फिल्म रामायण – राइज ऑफ अ लीजेंड की रिलीज में अब कुछ ही दिन बचे हैं।फिल्म भले ही सिनेमाघरों में 5 नवंबर को रिलीज होनी है, लेकिन जिस तरह से एडवांस बुकिंग हो रही है, उससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि रिलीज डेट आने तक कई सिनेमाघरों में सीटें ही खाली नहीं बचें। इस साल की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक रामायण को दर्शकों से मिल रहा यह शानदार रिस्पॉन्स, इसकी बॉक्स ऑफिस सफलता की कहानी अभी से बयां कर रहा है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस बहुप्रतीक्षित फिल्म की अभी तक 1 लाख 96 हजार टिकटें बिक चुकी हैं, जो इसकी अपार लोकप्रियता को दर्शाता है। फिल्म के हिंदी वर्जन को लेकर सबसे तगड़ी डिमांड देखने को मिल रही है, वहीं कन्नड़ और तेलुगू वर्जन्स भी फिल्म को मोटी कमाई करके दे रहे हैं।फिल्म निर्माता सिर्फ भारतीय बाजार पर ही ध्यान केंद्रित नहीं कर रहे हैं, बल्कि नमित मल्होत्रा इसे मार्वल की तरह एक बहुत व्यापक स्तर पर दुनिया भर में एक अलग यूनिवर्स बनाने की योजना बना रहे हैं। ऐसे में यह भी देखना दिलचस्प होगा कि अंग्रेजी वर्जन अन्य देशों से इस मूवी को कितनी कमाई करके देगा। यह फिल्म भारतीय सिनेमा के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकती है, जो वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाएगी। बात कमाई की करें तो, रणबीर कपूर, साई पल्लवी, यश और रवि दुबे जैसे सितारों से सजी फिल्म रामायण ने रविवार को यह खबर लिखे जाने तक 10 करोड़ 90 लाख रुपये का ग्रॉस कलेक्शन कर लिया था।
यदि ब्लॉक सीटों का आंकड़ा हटा दिया जाए, तो यह संख्या 8 करोड़ 70 लाख रुपये रह जाती है। रिपोर्ट के मुताबिक, अभी तक 149 शहरों में 4 थिएटर्स हाउसफुल हो चुके हैं और कुल मिलाकर पहले दिन के लिए 4546 शोज प्लान किए गए हैं। हालांकि, दर्शकों से मिल रहे जबरदस्त रिस्पॉन्स को देखते हुए शोज की संख्या बढ़ाई भी जा सकती है, जिससे फिल्म की कुल कमाई में और भी इजाफा होने की संभावना है। पिछले दिन की तुलना में अभी तक टिकटों की बुकिंग में 11 प्रतिशत की प्रभावशाली ग्रोथ देखने मिली है। फिल्म की एडवांस बुकिंग से हो रही कमाई में हिंदी वर्जन सबसे ज्यादा (लगभग 87 प्रतिशत) का योगदान दे रहा है, जो हिंदी भाषी क्षेत्रों में इसकी व्यापक पहुंच को दर्शाता है। वहीं, कन्नड़ वर्जन करीब 10 प्रतिशत हिस्सा लेकर बैठा है।



