करनाल (रविन्द्र/संदीप) : देर रात पुलिस ओर बीरू वाल्मीकि के हत्यारों के बीच पश्चिमी यमुना नहर बाईपास के नजदीक मुठभेंड हो गई, हत्यारोपियों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी, पुलिस की ओर जवाबी कार्रवाई में दोनों हत्योरियों को गोली लगी, जिससे वे घायल हो गए। पुलिस द्वारा घायलों को सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। मरने वालों में मुख्य आरोपी बीरबल उर्फ वीर निवासी गांव मटरवा खेड़ी, जिला कैथल तथा हर्ष कुमार उर्फ हरसु निवासी गांव काला माजरा, जिला करनाल शामिल है। पुलिस ओर हत्यारों के बीच हुई फायरिंग में पुलिस के जवान बाल बाल बच गए। मामले की जानकारी मिलते ही करनाल रैंज आईजी, एसपी मौके पर पहुंचे।
मारे गए दोनों हत्यारों ने बुधवार रात को हांसी रोड के बाजार में सदर बाजार के दराबी लाइन वासी बीरु वाल्मीकि को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था। मृतक के परिजनों ओर दलित समाज के लोगों ने आक्रोशित होकर बाबा भीमराव अंबेडकर पर जाकर बीरू के हत्यारों के एनकाउंटर की मांग कर रहे थे, पुलिस प्रशासन पर लगातार दवाब बढ़ रहा था। दलित समाज के लोगों ने पुलिस प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी थी कि अगर हत्यारोपियों का एनकाउंटर नहीं हुआ तो प्रदेशभर के दलित समाज के लोग एकत्रित होकर बड़ा आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। पुलिस प्रशासन ने दलित समाज के बढ़ते आक्रोश ओर गैंगस्टरों से निपटने के लिए देर रात ठोस कार्रवाई को अंजाम दिया। वहीं कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बैठे दलित समाज के लोगों ने पुलिस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि मृतक के परिजनों के कई मांगे है, उन्हें जल्द से जल्द पूरा किया जाए।
इस दौरान दलित समाज ओर मृतक के परिजनों की ओर से एसडीएम करनाल को मांग पत्र सौंपा गया। मांग पत्र में मृतक के परिवार के एक सदस्य को नौकरी, उचित मुआवजा ओर सुरक्षा के लिए आम्र्स लाईसेंस जारी किए जाए। मांग पत्र पर एसडीएम ने कहा कि उनकी मांगों को विचार किया जाएगा, मंगलवार तक का समय मांगा। एसडीएम के आश्वासन पर मृतक के परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम करवाया ओर शव को संस्कार के लिए ले गए।पुलिस महानिरीक्षक करनाल अशोक कुमार ने बताया कि 5 अगस्त को करनाल निवासी बीरू वाल्मीकि की अज्ञात बदमाशों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक करनाल के मार्गदर्शन में सीआईए एवं अन्य विशेष पुलिस टीमों का गठन कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई।
6 अगस्त की रात पुलिस को गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि उक्त हत्याकांड में शामिल दोनों आरोपी अवैध हथियारों से लैस होकर करनाल की ओर आ रहे हैं। सूचना के आधार पर सीआईए-1 एवं सीआईए-2 की संयुक्त टीम द्वारा गांव गगसीना, मुनक रोड तथा घोघड़ीपुर नहर पुल के पास नाकाबंदी की गई। पुलिस टीम द्वारा मोटरसाइकिल सवार दोनों आरोपियों को रुकने का इशारा किया गया,लेकिन आरोपी पुलिस को चकमा देकर भागने लगे। पुलिस टीम द्वारा पीछा किए जाने पर आरोपियों ने पुलिसकर्मियों पर फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग में दोनों बदमाशों को गोली लगी।



