शिमला। हिमाचल प्रदेश में वाहन चालकों को महंगाई का एक नया झटका लगा है। राज्य में बिकने वाले पेट्रोल और डीजल के दामों में 60 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी गई है। यह वृद्धि किसी अंतरराष्ट्रीय बाजार या कच्चे तेल की कीमतों के कारण नहीं, बल्कि राज्य सरकार द्वारा लागू किए गए एक नए कर विडो एंड ऑर्फन सेस यानी विधवा और अनाथ उपकर के कारण हुई है। कर एवं आबकारी विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के तहत यह सेस तेल कंपनियों द्वारा डीलरों को बेचे जाने वाले ईंधन की पहली बिक्री पर प्रभावी हो गया है। हालांकि वर्तमान में यह 60 पैसे प्रति लीटर है, लेकिन कानूनन सरकार के पास इसे बढ़ाकर पांच रुपये प्रति लीटर तक करने का अधिकार सुरक्षित है।
इस नए कर को लाने का आधिकारिक उद्देश्य राज्य में विधवाओं और अनाथों के कल्याण के लिए चल रही योजनाओं को एक स्थायी वित्तीय सहायता प्रदान करना है, ताकि इसके लिए बजट पर निर्भर न रहना पड़े। हालांकि, इस फैसले को लेकर राजनीतिक और व्यावसायिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने इसे अनुचित बताते हुए आशंका जताई है कि इससे उपभोक्ता पड़ोसी राज्यों से ईंधन खरीदने के लिए प्रेरित होंगे, जिससे स्थानीय कारोबार प्रभावित होगा। इसके अलावा, विपक्षी नेताओं ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि राज्य पर भारी वित्तीय संकट और बढ़ते कर्ज के बीच आम आदमी, किसानों और ट्रांसपोर्टर्स की जेब पर यह अतिरिक्त बोझ डाला गया है।



