नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केंद्रीय मंत्रिपरिषद में जल्द फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम के गठन के बाद अब नजरें मोदी मंत्रिमंडल में संभावित बदलाव पर टिकी हैं। सूत्रों के मुताबिक, अगले कुछ महीनों में फेरबदल हो सकता है और इसमें युवाओं को खास तवज्जो दी जा सकती है।फिलहाल प्रधानमंत्री समेत केंद्रीय मंत्रिपरिषद में 69 सदस्य हैं, जबकि संविधान के अनुसार मंत्रिपरिषद में अधिकतम 81 सदस्य हो सकते हैं। हाल में तीन मंत्रियों के इस्तीफे के बाद कई पद खाली हैं। ऐसे में नए चेहरों को शामिल करने की गुंजाइश बनी हुई है।
चर्चा है कि संभावित फेरबदल में उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र से युवा नेताओं को केंद्र में मंत्री बनाया जा सकता है। इसके पीछे आगामी विधानसभा चुनाव और वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव के राजनीतिक समीकरणों को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।कुछ मौजूदा मंत्रियों को संगठन में जिम्मेदारी मिलने की भी संभावना है। हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली भाजपा और पंकज चौधरी को उत्तर प्रदेश भाजपा की जिम्मेदारी दी जा चुकी है, जबकि पीयूष गोयल को भाजपा का कोषाध्यक्ष बनाया गया है।
इसके अलावा कुछ मंत्रियों के पास एक से अधिक मंत्रालय होने के कारण संभावित फेरबदल में विभागों का बोझ भी कम किया जा सकता है।महिलाओं और युवाओं की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ सहयोगी दलों को भी प्रतिनिधित्व देने पर विचार होने की चर्चा है। महाराष्ट्र से श्रीकांत शिंदे के नाम की भी अटकलें लग रही हैं। हालांकि, अंतिम फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेतृत्व द्वारा ही किया जाएगा।



