Health News : महंगे सुपरफूड्स के बीच चना एक ऐसा सस्ता और पौष्टिक खाद्य पदार्थ है, जो लंबे समय से भारतीय भोजन का हिस्सा रहा है। सेहत बनाने के शौकिनों के बीच भुने चने और अंकुरित चने दोनों ही सबसे अधिक लोकप्रिय हैं। दोनों में प्रोटीन, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, लेकिन अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि इन दोनों में से सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद कौन है। अंकुरित चने बनाने के लिए इन्हें कुछ समय तक पानी में भिगोया जाता है और इसके बाद अंकुर निकलने तक रखा जाता है। अंकुरण की प्रक्रिया के दौरान चने में मौजूद कुछ पोषक तत्वों की जैव उपलब्धता बेहतर हो सकती है। अंकुरित चनों को पचाना भी कुछ लोगों के लिए अपेक्षाकृत आसान माना जाता है।
इनमें प्रोटीन और फाइबर के साथ आयरन, जिंक और कैल्शियम जैसे खनिज पाए जाते हैं। इन्हें नाश्ते या सलाद के रूप में भोजन में शामिल किया जा सकता है। दूसरी ओर, भुने चने भी पोषण के मामले में काफी उपयोगी हैं। इनमें प्रोटीन और फाइबर की अच्छी मात्रा होती है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस हो सकता है। इस कारण इन्हें वजन प्रबंधन करने वाले लोगों के लिए भी एक अच्छा स्नैक माना जाता है। भुने चनों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन्हें बिना किसी तैयारी के आसानी से खाया जा सकता है। इन्हें यात्रा के दौरान, कार्यालय में या हल्की भूख लगने पर भोजन के बीच में भी शामिल किया जा सकता है। फाइबर से भरपूर होने के कारण दोनों प्रकार के चने पाचन तंत्र के लिए उपयोगी हो सकते हैं और संतुलित आहार का हिस्सा बनने पर पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद कर सकते हैं।
हालांकि, जिन लोगों को चने खाने से गैस, पेट फूलने या पाचन संबंधी परेशानी होती है, उन्हें इसकी मात्रा पर ध्यान देना चाहिए। यदि आप ताजे और अंकुरित खाद्य पदार्थों को अपने आहार में शामिल करना चाहते हैं, तो अंकुरित चने एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं। वहीं, व्यस्त दिनचर्या में आसानी से मिलने वाला और तुरंत खाया जा सकने वाला पौष्टिक स्नैक चाहिए तो भुने चने उपयोगी हैं। मधुमेह, किडनी रोग या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे लोगों को अपनी व्यक्तिगत जरूरत के अनुसार डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ की सलाह लेकर इनका सेवन करना चाहिए।



