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रात में बार-बार नींद खुलने के हो सकते हैं कई कारण

Health News : सोने के बाद रात में यदि बार-बार नींद खुलती है, दोबारा सोने में परेशानी होती है और सुबह उठने के बाद थकान या चिड़चिड़ापन महसूस होता है, तो इस समस्या का डाक्टरी इलाज करवाना चाहिए। यह अनिद्रा या स्लीप एपनिया जैसी नींद से संबंधित समस्याओं का संकेत भी हो सकता है। कई बार नींद खुलने के पीछे तनाव और चिंता प्रमुख कारणों में शामिल हो सकता हैं। दिनभर की परेशानियों और काम का दबाव कई बार व्यक्ति के दिमाग को रात में भी सक्रिय रखता है। नींद आने के बाद भी तनाव के कारण व्यक्ति अचानक जाग सकता है और उसके बाद दोबारा सोने में कठिनाई हो सकती है। इसके अलावा सोने की जगह असहज होना, गलत तकिया या गद्दा, कमरे का तापमान और आसपास का शोर भी नींद को प्रभावित कर सकते हैं। अनिद्रा भी रात में बार-बार नींद टूटने की एक वजह हो सकती है।

इस स्थिति में व्यक्ति को सोने में परेशानी होती है, रात में नींद खुलने के बाद दोबारा नींद नहीं आती या सुबह होने से पहले ही नींद खुल जाती है। कुछ लोगों को पूरी रात पर्याप्त नींद नहीं मिल पाती।लगातार ऐसा होने पर दिन में थकान, एकाग्रता की कमी और चिड़चिड़ापन जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं। स्लीप एपनिया में सोते समय सांस लेने की प्रक्रिया बार-बार बाधित हो सकती है। इसके कारण तेज खर्राटे, सांस रुकने जैसी स्थिति, घुटन या हांफते हुए अचानक जागना हो सकता है। कई बार व्यक्ति को खुद इस समस्या का पता नहीं चलता और परिवार के सदस्य उसके खर्राटों या सांस रुकने की घटना को देखकर इसकी जानकारी देते हैं। बार-बार ऐसा होने से रात की नींद की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। अच्छी नींद के लिए दिनचर्या को व्यवस्थित रखना मददगार हो सकता है।

सोने की जगह भी आरामदायक होनी चाहिए। बहुत कठोर या अत्यधिक नरम गद्दा तथा अनुपयुक्त तकिया शरीर को असहज कर सकता है और नींद में खलल डाल सकता है। इसलिए अपनी जरूरत के अनुसार आरामदायक गद्दे और तकिये का इस्तेमाल करना चाहिए। यदि रात में बार-बार नींद खुलने की समस्या लगातार बनी रहती है, दिन में अत्यधिक नींद आती है या सोते समय सांस रुकने जैसी शिकायत होती है, तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। दिन में नियमित शारीरिक गतिविधि करने से रात में नींद आने में आसानी हो सकती है। सोने से पहले मोबाइल, लैपटॉप और अन्य स्क्रीन का इस्तेमाल कम करना भी उपयोगी है। इसके बजाय किताब पढ़ना, धीमा संगीत सुनना या कोई शांत गतिविधि करना बेहतर विकल्प हो सकता है।

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