नई दिल्ली। पूर्व क्रिकेटर सुरेश रैना ने एक बार फिर कहा है कि अगले साल होने वाले एकदिवसीय विश्वकप के लिए अनुभवी बल्लेबाजों रोहित शर्मा और विराट कोहली को भारतीय टीम में बनाये रखना चाहिये। रैना के अनुसार इन दोनो ही खिलाड़ियों को कठिन हालातों में खेलने का लंबा अनुभव है और उसके रहने से टीम के जीतने की संभावना 90 फीसदी तक बढ़ जाएगी। वहीं अगर इन दोनो को नहीं रखा जाता है तो टीम लिए दबाव के हालातों में उबरना कठिन हो जाएगा। रैना के अनुसार विश्वकप दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाना है और वहां तेज पिचें होती है जिसपर बल्लेबाजी के लिए टीम में अनुभवी खिलाड़ियों की काफी जरुरत होती है। रैना ने रोहित और कोहली का समर्थन करते हुए कहा कि इनके रहते ही भारतीय टीम ने कई खिताबी मुकाबले जीते हैं।
इस पूर्व क्रिकेटर ने कहा, हमारे पास इन दोनो के रुप में बेहतरीन मैच-विजेता खिलाड़ी हैं। इन दोनो के पास कप्तानी का भी लंबा अनुभव है। हमारे पास रोहित और विराट कोहली जैसे बेहतरीन कप्तान हैं जिन्होंने आईपीएल और देश के लिए कई ट्रॉफियां जीती हैं। विराट को किसी परिचय की जरूरत नहीं है, क्योंकि वह एक अलग तरह के खिलाड़ी हैं। मुझे लगता है कि मैंने उनके साथ बहुत सारे मैच खेले हैं। विराट भी विश्वकप खेलना चाहते हैं। मुझे लगता है कि अगर वे दोनों टीम में रहते हैं, तो खिताबजीतने की संभवना 90 फीसदी हो जाती है। रैना ने उनके अनुभव और दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता पर जोर दिया, जो बड़े आयोजनों में महत्वपूर्ण होती है। रैना ने विश्वकप 2023 में ऑस्ट्रेलिया के हाथों भारत की निराशाजनक हार का भी जिक्र किया और उम्मीद जताई कि जब टीम 2027 के टूर्नामेंट के लिए दक्षिण अफ्रीका लौटेगी, तो उसमें और ज्यादा जोश होगा।
उन्होंने 2003 में दक्ष्रिण अफ्रीका में मिली हार का बदला लेने की बात करते हुए कहा, हम साल 2003 में दक्षिण अफ्रीका में हारे थे, अब उसका बदला भी लेना है। यह बयान भारतीय टीम के लिए एक अतिरिक्त प्रेरणा के रूप में देखा जा सकता है। रोहित और विराट को वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली तीन मुकाबलों की घरेलू एकदिवसीय सीरीज के लिए 15-सदस्यीय टीम में शामिल किया है। वर्तमान प्रतिभाओं पर बात करते हुए, रैना ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की तारीफ में कहा, मुझे लगता है कि उन्हें वैसे ही खेलने देना चाहिए जैसे वह खेल रहे हैं। जिस तरह से वह इतने सारे रन बना रहा है, जिस तरह से वह खेलते हैं उनकी सोच बिल्कुल अलग है। मुझे उसे खेलते हुए देखना बहुत अच्छा लगता है। रैना का यह बयान भारतीय क्रिकेट के भविष्य को लेकर उनके सकारात्मक दृष्टिकोण को भी दर्शाता है।



