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 बजट में सतत आर्थिक विकास, क्षमता के विकास और ‘सबका साथ, सबका विकास’ पर जोर : वित्त मंत्री

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए विकसित भारत की दिशा में सुधारों की गति को तेज करने हेतु तीन कर्तव्यों का प्रस्ताव किया। वित्त मंत्री ने कहा कि पहला कर्तव्य उत्पादकता एवं प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाकर तथा अस्थिर वैश्विक परिदृश्य में सुदृढ़ता का निर्माण कर आर्थिक विकास की गति को तेज करना और उसे बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि दूसरा कर्तव्य लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमता का विकास कर भारत की समृद्धि की राह में उन्हें एक सशक्त साझेदार बनाना है। ‘सबका साथ, सबका विकास’ के दृष्टिकोण के अनुरूप तीसरा कर्तव्य सार्थक भागीदारी हेतु प्रत्येक परिवार, समुदाय, क्षेत्र एवं सेक्टर के लिए संसाधनों, सुविधाओं और अवसरों को सुलभ बनाना है।

वित्त मंत्री ने कहा कि इस तीन-सूत्री दृष्टिकोण के लिये एक सहयोगी इकोसिस्टम की आवश्यकता है। पहली जरूरत संरचात्मक सुधारों – निरंतर, अनुकूल एवं भविष्योन्मुखी – की गति को बनाए रखना है। दूसरा, बचत को बढ़ावा देने, वित्त के कुशल आवंटन और जोखमों के प्रबंधन हेतु एक मजबूत एवं सुदृढ़ वित्तीय क्षेत्र अहम है। तीसरा, एआई के अनुप्रयोगों सहित अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियां बेहतर शासन के गुणक के तौर कार्य कर सकती हैं। श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा कि कर्तव्य भवन में तैयार किया गया यह पहला बजट युवा शक्ति पर आधारित एक ऐसा अनूठा बजट है, जो उन रचनात्मक विचारों से प्रेरित है जिन्हें विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 के दौरान माननीय प्रधानमंत्री के साथ साझा किया गया था।

वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों के दौरान भारत की आर्थिक प्रगति की राह स्थिरता, राजकोषीय अनुशासन, सतत विकास और कम मुद्रास्फीति से प्रभावित रही है। सरकार ने सार्वजनिक निवेश पर मजबूत जोर को कायम रखते हुए दूरगामी संरचनात्मक सुधारों, राजकोषीय मितव्ययिता और मौद्रिक स्थिरता को निरंतर बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता को केंद्र में रखते हुए, सरकार ने घरेलू उत्पादन क्षमता एवं ऊर्जा सुरक्षा का निर्माण किया है और आयात पर निर्भरता में कमी लाई है। इसके साथ-साथ नागरिक-आधारित विकास को सुनिश्चित किया गया है और रोजगार सृजन, कृषिगत उत्पादकता, परिवारों की क्रय शक्ति और लोगों को सार्वभौमिक सेवाएं प्रदान करने हेतु विभिन्न सुधारों को अपनाया गया है। उन्होंने केहा कि इन उपायों ने लगभग सात प्रतिशत की उच्च वृद्धि दर सुनिश्चित की है और गरीबी घटाने एवं लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के हमारे उल्लेखनीय प्रयासों में मदद दी है।

निर्मला सीतारमण ने कहा कि एक ऐसे बाहरी वातावरण में जहां व्यापार तथा बहुपक्षवाद खतरे में है और संसाधनों की सुलभता एवं आपूर्ति श्रृंखलाएं बाधित हुई हैं, नई प्रौद्योगिकियां पानी, ऊर्जा एवं दुर्लभ खनिजों की मांग तेजी से बढ़ाते हुए उत्पादन प्रणालियों में महत्वपूर्ण बदलाव ला रही हैं। भारत महत्वाकांक्षाओं एवं समावेशन के बीच संतुलन बिठाते हुए विकसित भारत की दिशा में आत्मविश्वास के साथ कदम बढ़ाना और अधिक निर्यात एवं स्थिर दीर्घकालिक निवेश को आकर्षित करते हुए वैश्विक बाजारों के साथ गहराई से जुड़ना जारी रखेगा। वित्त मंत्री ने सरकार के साथ दृढ़ता से खड़े होने और मिलकर दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने की राह तैयार करने के लिए लोगों का आभार व्यक्त किया। आकांक्षाओं को उपलब्धियों में और क्षमताओं को प्रदर्शन में बदलने के सरकार के लक्ष्य पर प्रकाश डालते हुए वित्तमंत्री ने कहा कि सरकार विकास के लाभों को प्रत्येक किसान, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, घुमंतू समुदाय, युवा, गरीब और महिला तक पहुंचाना सुनिश्चित कर रही है।

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