चंडीगढ़- पंजाब के राज्यपाल और यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने आज यूटी सचिवालय, सेक्टर 9, चंडीगढ़ में औपचारिक रूप से नशा-विरोधी हेल्पलाइन नंबर जारी किए। इस अवसर पर पंजाब के राज्यपाल के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विवेक प्रताप सिंह, गृह सचिव (यूटी चंडीगढ़) मनदीप सिंह बराड़, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) डॉ. सागर प्रीत हुड्डा, वित्त सचिव दिप्रवा लाकड़ा, कार्मिक एवं स्थापना सचिव स्वप्निल एम. नाइक, विशेष आयुक्त नगर निगम हरप्रीत सिंह सूदन, एसएसपी कंवरदीप कौर, एसएसपी (सुरक्षा एवं यातायात) सुमेर प्रताप सिंह, एसएसपी (ऑपरेशन) राजेश शर्मा, एसपी (मुख्यालय) विनीत कुमार और एसपी (सिटी) विजय कुमार उपस्थित रहे।
प्रशासक ने कहा कि इस अभियान में जनता की भागीदारी सबसे अहम है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे आगे आएं, नशा बेचने और नशा करने के मामलों की जानकारी दें और हेल्पलाइन के माध्यम से मदद लें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कॉल करने वाले या शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और इसे रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किया जाएगा। शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारी खुद इनकी निगरानी करेंगे। नशा-विरोधी हेल्पलाइन नंबर हैं: 8283040100 (चंडीगढ़ नशा विरोधी हेल्पलाइन-मोबाइल), 0172-2677037 (चंडीगढ़ नशा विरोधी हेल्पलाइन-लैंडलाइन) और 1933 (मानस हेल्पलाइन)।
प्रशासक ने बताया कि इस नशा-मुक्त अभियान का अगला कदम पूरे चंडीगढ़ में घर-घर जाकर सर्वे करना होगा। इससे ऐसे लोगों और परिवारों की पहचान की जाएगी जिन्हें मदद की जरूरत है, ताकि उन्हें सही काउंसलिंग, इलाज और पुनर्वास की सुविधा मिल सके। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को ऐसी दवाओं की बिक्री पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं जिनका दुरुपयोग हो सकता है। बिना डॉक्टर की पर्ची के ऐसी दवाएं बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर भी काम किया जाएगा।डीजीपी डॉ. सागर प्रीत हुड्डा ने बताया कि मौजूदा विशेष अभियान के तहत अब तक 130 FIR दर्ज की जा चुकी हैं, 133 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और करीब 359 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
संवेदनशील इलाकों (हॉटस्पॉट्स) की पहचान कर वहां घेराबंदी की गई है और संदिग्धों को हिरासत में लेकर कार्रवाई की जा रही है। इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग, समाज कल्याण विभाग और पुलिस मिलकर काम कर रहे हैं। हेल्पलाइन पर मिलने वाली शिकायतों को तुरंत और सही कार्रवाई के लिए चार श्रेणियों में बांटा जाएगा।तत्काल और ठोस सूचनाओं पर एसएसपी की निगरानी वाली विशेष टीम तुरंत कार्रवाई करेगी, जबकि सामान्य शिकायतों को आगे की जांच के लिए एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स को भेजा जाएगा। डीजीपी ने कहा कि यह हेल्पलाइन सिर्फ एक नंबर नहीं, बल्कि नशे के खिलाफ पुलिस और जनता की साझी लड़ाई का मंच है। उन्होंने नागरिकों से सही सूचना साझा करने की अपील की। यह पहल चंडीगढ़ प्रशासन और पुलिस द्वारा नशे के खात्मे और नागरिकों को एक सुरक्षित मंच देने के प्रयासों का हिस्सा है।



