रायबरेली। समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लोकसभा क्षेत्र रायबरेली से अपने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव अभियान का जोरदार आगाज किया है। उन्होंने गठबंधन की शर्तों को स्पष्ट करते हुए कहा, गठबंधन भी होगा, गठबंधन के साथ चुनौती भी होगी… हमारे लिए बात सीट की नहीं, जीतने वाली सीट की होगी। जो जीते, वह सीट ले ले। अखिलेश ने दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनावों में उनकी पार्टी ने भाजपा को हराया था और अब 2027 के विधानसभा चुनावों में भाजपा की स्थायी हार सुनिश्चित करने के लिए काम किया जाएगा।अखिलेश यादव ने कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर अपनी पार्टी की प्राथमिकता को बिल्कुल स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा कि सीटों की संख्या से अधिक महत्वपूर्ण जीतने की संभावना होगी, और जो उम्मीदवार या पार्टी किसी सीट पर जीत हासिल कर सकती है, उस सीट पर उसी का दावा होना चाहिए।
2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में मिलकर चुनाव लड़ा था, जिससे दोनों दलों के प्रदर्शन में 2022 के विधानसभा चुनाव की तुलना में काफी सुधार हुआ था, जब वे अलग-अलग लड़े थे। अखिलेश यादव ने अपने संबोधन में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को भाजपा और समाजवादी पार्टी के पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) सामाजिक गठजोड़ के बीच मुकाबले के तौर पर पेश किया। उन्होंने ‘ए’ के दायरे को और व्यापक करने की कोशिश करते हुए इसमें महिलाओं (आधी आबादी) को भी जोड़ने की बात कही। उन्होंने गाजीपुर में विश्वकर्मा परिवार से जुड़े कथित मामले और एक बिंद युवक का भी जिक्र किया, और कहा कि समाजवादी पार्टी विश्वकर्मा, लोध और पासी समेत इन समुदायों के लोगों को न्याय दिलाने के लिए काम करेगी।सपा अध्यक्ष ने भाजपा की ‘बुलडोजर राजनीति’ पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पीडीए से जुड़े समुदायों को प्रशासनिक कार्रवाई के जरिए चुनिंदा तरीके से निशाना बनाया जा रहा है, जबकि सत्ता से जुड़े समुदायों के साथ अलग व्यवहार किया जाता है।
अखिलेश ने कहा कि असमानता के खिलाफ संघर्ष जारी है और पीडीए के मतदाता अब अपनी राजनीतिक ताकत को समझ चुके हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि ‘बुलडोजर राजनीति’ करने वाले लोग पीडीए आंदोलन से बच नहीं पाएंगे, और इस बार चुनावी फैसला केवल ऐसी राजनीति को हराएगा नहीं, बल्कि उसे खत्म करेगा। रायबरेली में सपा विधायक श्याम सुंदर भारती ने भी पार्टी के दावे को मजबूती से रखा और रायबरेली को कांग्रेस का गढ़ बताए जाने पर सवाल उठाया। भारती ने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने जिले की चार सीटें जीती थीं, और दो सीटों पर पार्टी बेहद कम अंतर से हारी थी। उन्होंने दावा किया कि अगर ये सीटें भी सपा के खाते में आतीं तो जिले की सभी छह विधानसभा सीटों पर पार्टी जीत दर्ज करती।



