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संसद के दोनों सदन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, इस सत्र में कुल 31 बैठकें हुई

नई दिल्ली। संसद के दोनों सदनों को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। इसके साथ ही संसद का बजट सत्र समाप्त हो गया, जो इस साल 28 जनवरी को शुरू हुआ था। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन को बताया कि इस सत्र में कुल 31 बैठकें हुईं और सदन की कार्यवाही 151 घंटे 42 मिनट तक चली। उन्होंने कहा कि इस सत्र में कार्य उत्पादकता 93 फीसदी रहा। पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कई अन्य दलों के प्रमुख नेता सदन में मौजूद थे।मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पहले यह सत्र दो अप्रैल को संपन्न होना था, लेकिन महिला आरक्षण से संबंधित ‘संविधान संशोधन विधेयक 2026’ विधेयक और इससे संबंधित दो अन्य विधेयकों पर चर्चा करने और इन्हें पारित कराने के मकसद से सत्र को बढ़ा दिया गया और 16 से 18 अप्रैल तक तीन दिन की विशेष बैठक बुलाई गई थी। यह संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं हो पाया।

विधेयक पर हुए मत विभाजन में इसके पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े। लोकसभा में संविधान संशोधन विधेयक को पारित करने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत होती है। विधेयक पर मत विभाजन में 528 सदस्यों ने हिस्सा लिया। इस विधेयक को पारित करने के लिए 352 सदस्यों के समर्थन की जरुरत थी।रिपोर्ट के मुताबिक स्पीकर ओम बिरला ने बताया कि इस सत्र में कुल 12 सरकारी विधेयक पेश किए गए और नौ पारित किए गए। पारित किए गए वित्त विधेयकों में आंध्र प्रदेश पुनर्गठन संशोधन विधेयक और जन विश्वास संशोधन विधेयक प्रमुख है। राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन ने उच्च सदन के 270वें सत्र को अनिश्चित काल के लिए स्थगित करने से पहले अपने पारंपरिक संबोधन में कहा कि संसद के तीनों सत्रों में बजट सत्र का विशेष महत्व होता है, क्योंकि यह न केवल सबसे लंबा सत्र होता है, बल्कि देश के विकास की दिशा तय करने में भी सबसे ज्यादा अहम भूमिका निभाता है।

इसके अलावा सदन में सरकार के दो प्रमुख मंत्रालयों के कामकाज पर भी चर्चा हुई। सभापति ने कहा कि सत्र में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर और विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर अपनी ओर से वक्तव्य दिए। वहीं, पीमए मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और उससे भारत की ऊर्जा जरूरतों पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में सदन को अवगत कराया और इस चुनौती से निपटने के लिए राष्ट्रीय एकजुटता पर जोर दिया। सभापति के मुताबिक बजट सत्र में सदन में कुल 157 घंटे 40 मिनट तक कामकाज हुआ और इसकी कार्य उत्पादकता 109.87 फीसदी रही। उन्होंने बताया कि इस दौरान 117 प्रश्न पूछे गए, 446 शून्यकाल उल्लेख हुए और 207 विशेष उल्लेख लिए गए।

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