नई दिल्ली। कांग्रेस ने संसद के मानसून सत्र का अब तक सत्रावसान ना होने पर और परिसीमन के मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक न बुलाने को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि एनडीए सरकार इन महत्वपूर्ण विषयों पर गोपनीयता और रहस्य बनाए हुए है, जबकि देश को व्यापक सहमति की जरुत है।कांग्रेस नेता रमेश ने बताया कि सभी विपक्षी दल मार्च से ही परिसीमन संबंधी प्रस्तावों पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने सवाल किया कि भारतीय गणराज्य की बुनियाद से जुड़े इस अत्यंत महत्वपूर्ण विषय पर इतनी गोपनीयता क्यों बरती जा रही है। संसद के मानसून सत्र के सत्रावसान में हो रही देरी पर कांग्रेस ने सवाल उठाए। रमेश ने कहा कि सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने और उसके सत्रावसान के बीच का अंतर अब 29 दिन पहुंच गया है, जो सामान्य रूप से तीन-चार दिन का होता है। उन्होंने आशंका जाहिर की हैं कि मोदी सरकार शायद विपक्ष को परेशान करने के लिए माइंड गेम और मनोवैज्ञानिक अभियान के रूप में इस्तेमाल कर रही है।
कांग्रेस महासचिव रमेश ने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 17 अप्रैल को लोकसभा में अपने अहंकार के कारण मिली हार से आहत हैं। उनका दावा है कि मोदी सरकार अब संविधान संशोधन विधेयक पारित कराने के लिए लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत हासिल करने की कोशिश कर रही है। रमेश ने कहा कि सरकार आवश्यक संख्या न होने के बावजूद दिखावा, झांसा और डींग का सहारा ले रही है और विपक्ष को धमकी, दबाव और प्रलोभन के जरिए अपने पक्ष में करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने इस रणनीति को मूर्खतापूर्ण करार दिया। मानसून सत्र 20 जुलाई को शुरू होकर 13 अगस्त को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया था।



