बेंगलुरु। कर्नाटक में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार तड़के लोक निर्माण मंत्री सतीश जारकीहोली और उनके करीबियों के कई ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, ईडी ने जारकीहोली के साथ-साथ उनकी बेटी प्रियंका जारकीहोली और उनके साले मंजूनाथ के ठिकानों पर भी कार्रवाई की है। मामला बेलगावी में कई बार को अवैध रूप से लाइसेंस देने से जुड़ा है।जानकारी के मुताबिक, ईडी की टीमों ने बुधवार सुबह सुरक्षा बलों के जवानों की कड़ी सुरक्षा के बीच छापेमारी शुरू की। बेंगलुरु शहर के 5 मुख्य ठिकानों के अलावा बेलगावी और महाराष्ट्र में स्थित मंत्री और उनके साले मंजूनाथ के घर और दफ्तरों की भी तलाशी ली जा रही है।
अधिकारी परिसरों में मौजूद वित्तीय दस्तावेजों, बैंक खातों और संपत्ति के कागजातों की बारीकी से जांच कर रहे हैं। यह मामला आबकारी विभाग में हुई कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। आरोप है कि सतीश जारकीहोली ने अपने मंत्री पद के प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए लगभग 18 बार को नियमों को ताक पर रखकर अवैध रूप से लाइसेंस दिलाए। जांच एजेंसियों का दावा है कि इन बार से हासिल हुई काली कमाई को अवैध रूप से विदेशों में निवेश किया गया। शुरुआती जांच में 3 करोड़ रुपये से अधिक के अवैध हेरफेर की बात भी सामने आई है। अब ईडी इस फंड ट्रांसफर के स्रोत और नेटवर्क का पता लगाने के लिए कागजातों को खंगाल रही है। इससे पहले बीते जनवरी महीने में ईडी ने कर्नाटक के आबकारी विभाग के अतिरिक्त आयुक्त वाई मंजूनाथ के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई की थी।
मंजूनाथ जारकीहोली के साले हैं। ईडी ने तब मंजूनाथ से जुड़े कम से कम छह ठिकानों पर छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान ईडी ने कई अहम दस्तावेज जब्त किए थे। अधिकारियों को मंजूनाथ के घर से नकदी मिलने की भी जानकारी सामने आई थी।ईडी की शुरुआती जांच में आरोप था कि सरकारी पद पर रहते हुए वाई मंजूनाथ ने अपनी आय से कहीं अधिक संपत्ति बनाई। जांच एजेंसी को संदेह था कि उन्होंने करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति जुटाई है। उन पर यह आरोप भी लगा कि उन्होंने बेलगावी, बेंगलुरु, मैसूर, दावणगेरे और बल्लारी समेत कई शहरों में बेनामी नामों से बार और शराब कारोबार में निवेश किया। छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में दस्तावेज मिलने के बाद ईडी अधिकारियों ने वाई मंजूनाथ को पूछताछ के लिए हिरासत में भी लिया था।



