वडोदरा । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वडोदरा दौरे के दौरान आयोजित ‘नमो फॉर विकसित भारत’ कार्यक्रम ने युवाओं के बीच खास उत्साह पैदा किया। एम.एस. यूनिवर्सिटी के पवेलियन ग्राउंड में आयोजित इस कार्यक्रम में स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों, युवा प्रोफेशनल्स और बड़ी संख्या में जेन-जी’ युवाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम स्थल पूरी तरह खचाखच भर गया और क्षमता पूरी होने के बाद सुरक्षा एवं व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए ग्राउंड के प्रवेश द्वार बंद करने पड़े।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचते ही युवाओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। हाथों में प्लेकार्ड और रचनात्मक स्लोगन लिए युवाओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। पीएम मोदी ने भी युवाओं से सीधे जुड़ने का अनोखा अंदाज अपनाया। मंच से नीचे उतरकर उन्होंने विशेष रूप से तैयार किए गए युवा पाथवे पर रैंप वॉक किया और दोनों ओर खड़े युवाओं से हाथ मिलाते हुए हाई-फाइव किया।कार्यक्रम की एक खास झलक उस समय देखने को मिली, जब प्रधानमंत्री मोदी ने स्मार्टफोन हाथ में लेकर युवा अंदाज में ‘हेलो फ्रेंड्स’ संबोधन के साथ सेल्फी वीडियो बनाया। इस दौरान पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
एआई में महारत हासिल करें युवा, तकनीक के सिर्फ उपभोक्ता नहीं निर्माता बनें – युवाओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 21वीं सदी तकनीक और इनोवेशन की सदी है। भारत के युवाओं में दुनिया को नई दिशा देने की क्षमता है। उन्होंने विद्यार्थियों और युवा इंजीनियरों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग और डेटा साइंस जैसे क्षेत्रों में दक्षता हासिल करने का आह्वान किया। पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय युवा केवल नई तकनीकों के उपभोक्ता बनकर न रहें, बल्कि टेक्नोलॉजी के निर्माता और इनोवेटर बनें। उन्होंने युवाओं को कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और शहरी प्रशासन जैसी समस्याओं के समाधान के लिए एआई आधारित स्थानीय स्टार्टअप शुरू करने के लिए प्रेरित किया।उन्होंने कहा कि आने वाले समय में तकनीक का प्रभाव जीवन के हर क्षेत्र में बढ़ेगा। ऐसे में भारत को अपनी टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम को और मजबूत करना होगा। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि नई तकनीक का इस्तेमाल देशहित और मानव कल्याण के लिए सकारात्मक तरीके से किया जाए।
शिक्षा व्यवस्था में बदलाव का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके साथ स्किल होना भी जरूरी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में इसी सोच को ध्यान में रखते हुए बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को ऑनलाइन मुफ्त कोचिंग उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।प्रधानमंत्री मोदी ने वडोदरा से गुजरात के लिए 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक के विभिन्न बुनियादी ढांचा एवं जनहितकारी विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने वडोदरा को गति शक्ति और विकास से जोड़ते हुए कहा कि शहर की पहचान अब आधुनिक बुनियादी ढांचे और नई संभावनाओं से भी बन रही है। फ्रेट कॉरिडोर का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वडोदरा गातिशक्ति यूनिवर्सिटी का शहर है। उन्होंने बताया कि फ्रेट कॉरिडोर की अंतिम कड़ियां जुड़ गई हैं और करीब 2,800 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट पूरा हो चुका है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस कॉरिडोर से यह भी स्पष्ट होता है कि पिछले 12 वर्षों में देश में काम करने की पद्धति कितनी बदली है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना का विचार वर्ष 2004 में शुरू हुआ था, 2006 में कंपनी बनाई गई, लेकिन 2014 तक फाइलें एक टेबल से दूसरी टेबल तक घूमती रहीं। उन्होंने कहा कि अगर देश उसी पुरानी कार्यशैली से चलता रहता तो विकास कार्यों को पूरा होने में तीन-चार पीढ़ियां लग जातीं।पीएम मोदी ने दावा किया कि 2014 से अब तक देश में करीब 50 हजार आधुनिक रेल कोच बनाए गए हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे 10 वर्षों में 50 हजार शौचालय तक नहीं बना पाईं।
अपने संबोधन में विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ ‘नाराज फुफाजी’ जैसे लोग हमेशा शोर मचाते रहते हैं, लेकिन देश का युवा अपनी ऊर्जा और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि झूठ फैलाने वाले लोग हर चौराहे पर मिल जाएंगे, लेकिन भारत का युवा हमेशा सत्य और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ेगा।प्रधानमंत्री ने कहा कि भविष्य में परिवहन से लेकर उद्योग और रोजमर्रा के जीवन तक हर क्षेत्र में बिजली की भूमिका बढ़ने वाली है। इसलिए देश को अपनी ऊर्जा और तकनीकी इकोसिस्टम को मजबूत करना होगा। उन्होंने युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए यूरेनियम क्षेत्र में किए जा रहे महत्वपूर्ण समझौतों का भी उल्लेख किया।
‘विकसित भारत 2047’ का लक्ष्य और वडोदरा की स्वच्छता का संकल्प – प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गुजरात और देश के युवाओं में अद्भुत क्षमता है और अब देश को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने की जिम्मेदारी युवा पीढ़ी के हाथों में है। उन्होंने युवाओं से अपने कौशल, ऊर्जा और नवाचार का अधिकतम उपयोग करते हुए ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को साकार करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।वडोदरा की सांस्कृतिक पहचान का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि गणेशोत्सव और नवरात्रि के दौरान गुजरात ही नहीं, बल्कि देश-विदेश के लोगों का ध्यान वडोदरा की ओर रहता है।
उन्होंने वडोदरा के गरबा की परंपरा और गरिमा की सराहना करते हुए युवाओं से पारंपरिक मूल्यों को बनाए रखने के साथ आधुनिक विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में भारत का नाम रोशन करने की अपील की। प्रधानमंत्री ने वडोदरा में चलाए गए स्वच्छता अभियान की भी सराहना की। उन्होंने शहरवासियों से विशेष आग्रह करते हुए कहा कि जिस तरह वडोदरा को सुंदर और स्वच्छ बनाया गया है, उसे अब कभी गंदा नहीं होने देना है। उन्होंने लोगों से स्वयं गंदगी नहीं करने का संकल्प लेने और दीपावली के त्योहार के दौरान शहर को स्वच्छ एवं चमकदार बनाए रखने की अपील की।



