लखनऊ। उत्तरप्रदेश में योगी कैबिनेट की बैठक में किसानों को राहत देने वाला बड़ा फैसला हुआ है। योगी सरकार में कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने बताया कि गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में 160 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है। खाद्य और रसद विभाग के अनुसार, इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 प्रति क्विंटल तय किया है, जो बीते साल की तुलना में 160 रुपये ज्यादा है। योगी सरकार का मानना है कि इस फैसले से किसानों को उनकी फसल का बेहतर दाम मिलेगा और उनकी आय में बढ़ोतरी होगी।
खबर के मुताबिक, राज्य में गेहूं खरीद की प्रक्रिया 30 मार्च से शुरू होकर 15 जून 2026 तक चलेगी। इस दौरान पूरे प्रदेश के सभी 75 जिलों में करीब 6500 क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में कोई दिक्कत न हो। योगी सरकार ने खरीद के लिए कुल 8 एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी है, जिसमें एफसीआई, यूपी मंडी परिषद, पीसीएफ, पीसीयू, यूपीएसएस, नैफेड और एनसीसीएफ शामिल हैं।
इसके अलावा सोमवार को यूपी कैबिनेट की मीटिंग में 35 प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एआई को लेकर कहा कि नया उत्तर प्रदेश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की शक्ति को अपना रहा है। पुच एआई के साथ 25,000 करोड़ का एमओयू राज्य में एआई पार्क्स, बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर, एआई कॉमन्स और एक एआई यूनिवर्सिटी बनाएंगे। यह पहले शासन को मजबूत करेगी, सुधारों को बढ़ावा देगी और हमारे युवाओं के लिए भविष्य के लिए तैयार अवसर पैदा करेगी।
इतना ही नहीं उत्तरप्रदेश सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। ऊर्जा विभाग से जुड़े प्रस्तावों को कैबिनेट ने मंजूरी दी है, जिनका उद्देश्य बिजली उत्पादन बढ़ाना और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना है। घाटमपुर पावर प्लांट में 660 मेगावॉट की तीन यूनिट स्थापित करने का प्रावधान है, जिनमें से दो यूनिट पहले ही शुरू हो चुकी हैं, जबकि तीसरी यूनिट जल्द ही चालू होने वाली है। इस परियोजना के लिए साल 2016 में भारत सरकार ने झारखंड के दुमका जिले में पछवारा कोल माइन आवंटित की थी। अब इस कोल माइन के विकास के लिए 2242.90 करोड़ की राशि को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। यह पावर प्लांट केंद्र और राज्य सरकार का संयुक्त उपक्रम है, जिससे प्रदेश में बिजली उत्पादन क्षमता को और मजबूती मिलेगी।



