नई दिल्ली। नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान को मजबूत करने के लिए भारत ने मदद का दायरा बढ़ा दिया है। भारतीय वायुसेना (आईएएफ) का सी-130 विमान राहत सामग्री और तकनीकी उपकरणों से लैस होकर काठमांडू पहुंचा। यह भारत की ओर से नेपाल भेजी गई चौथी राहत उड़ान है। विमान में खोज, बचाव और राहत कार्यों के लिए जरूरी उपकरणों के साथ विशेषज्ञ टीमें भी भेजी गई हैं।विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर बताया कि भारत की चौथी उड़ान काठमांडू पहुंच गई है। इसमें नेपाल में जारी बचाव और राहत अभियानों को मजबूत करने के लिए जरूरी सामान और तकनीकी क्षमताएं भेजी गई हैं। इससे पहले जयशंकर ने बताया था कि इस उड़ान में करीब 11 टन राहत सामग्री भेजी गई है।
फोरेंसिक विशेषज्ञ और डीएनए जांच उपकरण भी भेजे – सी-130 विमान में खोज एवं बचाव उपकरणों के अलावा फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम और डीएनए जांच के उपकरण भी भेजे गए हैं। राहत सामग्री में कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट शामिल हैं। इन सामानों का इस्तेमाल बाढ़ प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाने और बचाव अभियानों में किया जाएगा। जयशंकर ने कहा कि भारत नेपाल में बाढ़ से क्षतिग्रस्त जरूरी बुनियादी ढांचे को बहाल करने में भी सहायता कर रहा है। 230 फुट लंबे सिंगल लेन मॉड्यूलर स्टील ब्रिज के निर्माण के लिए जरूरी उपकरण लेकर 16 ट्रक नेपाल पहुंच चुके हैं। इसके अलावा सात और बेली ब्रिज लगाने के लिए उपकरण जल्द भेजे जाएंगे। पुलों के निर्माण के लिए जरूरी तकनीकी टीमें भी नेपाल पहुंचेंगी।
अब तक 68.5 टन राहत सामग्री पहुंची – भारत की ओर से अब तक कुल 68.5 टन राहत सामग्री हवाई मार्ग से काठमांडू पहुंचाई जा चुकी है। इसमें जरूरी दवाएं, पोर्टेबल जनरेटर सेट, खाद्य पैकेट, पानी साफ करने वाली गोलियां और अन्य तकनीकी उपकरण शामिल हैं। जयशंकर ने कहा कि नेपाल के राहत और बचाव कार्यों में भारत का सहयोग लगातार जारी रहेगा।
पहले भी भेजी गई थी बड़ी खेप – विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत ने बुधवार को नेपाल के लिए आपातकालीन राहत अभियान शुरू किया था। आईएएफ के सी-130जे हरक्यूलिस विमान ने पहली खेप में करीब 10 टन राहत सामग्री पहुंचाई थी। इसमें अस्थायी आश्रय, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप और दवाएं शामिल थीं। इसके बाद गुरुवार को आईएएफ के सी-17 ग्लोबमास्टर विमान से 37.5 टन अतिरिक्त राहत सामग्री नेपाल भेजी गई। इसमें 28.5 टन टेंट, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप, पानी निकालने वाले पंप, किचन सेट और जनरेटर सेट शामिल थे। इसके अलावा आठ टन दवाएं और एक टन खाद्य सामग्री भी भेजी गई।



