नई दिल्ली । पश्चिम एशिया में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बने हालात के असर अब भारत की ऊर्जा नीति पर भी साफ दिखाई देने लगे हैं। इसी क्रम में केंद्र सरकार ने बड़ा निर्णय लेते हुए कमर्शियल पैक्ड एलपीजी (तरल पेट्रोलियम गैस) की आपूर्ति पर लगी सभी पाबंदियों को वापस ले लिया है। सरकार का कहना है कि हालात सामान्य होने और आपूर्ति में सुधार के बाद यह कदम उठाया गया है।सूत्रों के अनुसार, पहले संकट के दौरान एलपीजी आपूर्ति को प्राथमिकता देते हुए घरेलू उपभोक्ताओं को सुरक्षित रखा गया था, जिसके चलते उद्योगों और व्यापारिक उपयोगकर्ताओं के लिए सप्लाई सीमित कर दी गई थी।
अब स्थिति में सुधार के बाद इन सभी प्रतिबंधों को हटा दिया गया है।पश्चिम एशिया में तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आंशिक रूप से बाधित होने से भारत की एलपीजी आपूर्ति प्रभावित हुई थी, क्योंकि देश की बड़ी मात्रा में एलपीजी आयात इसी मार्ग से होता है। इससे अस्थायी रूप से सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ गया था।अब सरकार के इस फैसले के बाद होटल, रेस्टोरेंट, उद्योग और अन्य कमर्शियल सेक्टर को राहत मिलने की उम्मीद है। आपूर्ति सामान्य होने से व्यापारिक गतिविधियों में भी तेजी आने का अनुमान लगाया जा रहा है।
ऊर्जा मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, स्थिति लगातार बेहतर हो रही है और सप्लाई सिस्टम पहले जैसी स्थिरता की ओर लौट रहा है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की कमी की स्थिति में तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी हुई है, लेकिन भारत ने अपने सप्लाई नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में तेज कदम उठाए हैं।



