नई दिल्ली । भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान अंजुम चोपड़ा ने हाल ही में तीनो प्रारुपों की कप्तानी छोड़ने वाली हरमनप्रीत कौर की जमकर प्रशंसा करते हुए कहा है कि उसकी सबसे बड़ी उपलब्धि घरेलू धरती पर टीम को एकदिवसीय विश्व कप 2025 में जीत दिलाना रहा। चोपड़ा ने कहा कि हरमनप्रीत को कमान संभालते समय जैसी टीम मिली थी उससे अच्छी टीम उन्होंने नई कप्तान के लिए छोड़ी है। आज की टीम पहले से अधिक अनुभवी और आत्मविश्वासी से भरी हुई है। अंजुम ने कहा, एक नेता के तौर पर हरमनप्रीत की सबसे बड़ी पहचान हमेशा 2025 में एकदिवीसीय विश्व जीतना रहा।उस टूर्नामेंट में टीम बल्लेबाजी, लीग मैच, सेमीफाइनल और फाइनल में, सभी के योगदान से पहुंची। इसमें केवल हरमन की ही भूमिका नहीं थी बल्कि हर खिलाड़ी का जीत में योगदान रहा थ।
हरमन का कद इस टीम के साथ बढ़ा है, खासकर पिछले साढ़े तीन सालों में, जब से उन्होंने एकदिवसीय की कप्तानी संभाली थी। पहले, हम टी20 बहुत कम खेलते थे और शेड्यूल में ज्यादा वनडे गेम होते थे। हाल के वर्षों में यह बदल गया है। अब अधिकांश द्विपक्षीय दौरों में वनडे से ज्यादा टी20 होते हैं। उन्होंने कहा, मैंने हरमनप्रीत को एक खिलाड़ी और कप्तान के तौर पर बढ़ते देखा है। उनकी विरासत हमेशा इस बात से मापी जाएगी कि उन्होंने कहां से कमान संभाली और कहां छोड़ी। एकदिवसय प्रारुप में आज भारतीय टीम विश्व चैंपियन है। जब उन्होंने कमान संभाली थी, तब की तुलना में यह टीम कहीं ज्यादा मजबूत, ज्यादा ऊर्जावान, कौशल से भरी और अनुभवी है।
अंजुम ने कहा, बतौर क्रिकेटर लंबी यात्रा के बाद भी मुझे नहीं लगता कि हरमनप्रीत कौर एक इंसान के तौर पर बदली हैं, भले ही महिलाओं के खेल के लिए उनके आस-पास की चीजें काफी बदल गई हों। मैंने उनमें कभी भी जल्दबाजी वाला पहलू नहीं देखा। उन दिनों से लेकर अब तक मैंने हरमनप्रीत में हमेशा एक शांत स्वभाव देखा है। ग्लोबल इवेंट्स में टीम इंडिया के जीत की दावेदार बनने की प्रक्रिया के सवाल पर अंजुम ने कहा, यह इसलिए बदला है क्योंकि हमने सकारात्मक तरीके से परिणाम देखना शुरू कर दिया है। मैं यह नहीं कह रही कि पहले के कप्तान परिणाम नहीं देते थे, लेकिन जब हरमन ने टीम संभाली, तो गुयाना में 2018 विश्व कप में भी, मुझे न्यूजीलैंड के खिलाफ पहला मैच याद है, उन्होंने शतक लगाया था। यह किसी भारतीय का अंतरराष्ट्रीय टी20 में पहला शतक था।



