चंडीगढ़ : सड़क संपर्क अवसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, मनीमाजरा और सेक्टर-26 को जोड़ने के लिए सुखना चोए पर उच्च स्तरीय पुल के निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। यह निर्णय यूटी चंडीगढ़ के मुख्य सचिव, एच. राजेश प्रसाद, आईएएस की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में लिया गया। इस परियोजना पर इंजीनियरिंग विभाग द्वारा विस्तृत प्रस्तुति दी गई। वर्तमान में, आवागमन करने वाले लोगों को मौजूदा वेंटेड नीचा पुल पर काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जो चंडीगढ़ और पंचकूला के बीच दैनिक यातायात के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करता है। इस नीचा पुल की सीमित चौड़ाई के कारण पीक आवर्स के दौरान भारी जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
इसके अतिरिक्त, मानसून के दौरान सुखना चोए में जलस्तर बढ़ने से यह मार्ग अक्सर बंद हो जाता है, जिससे यातायात बाधित होता है, सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ती हैं तथा आम जनता को असुविधा होती है। यह मार्ग सुखना झील, सेक्टर-17, पीजीआई, पंजाब विश्वविद्यालय और उच्च न्यायालय जैसे महत्वपूर्ण स्थलों तक पहुंच के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रस्तावित उच्च स्तरीय पुल से हर मौसम में निर्बाध संपर्क सुनिश्चित होने की उम्मीद है, जिससे वर्तमान अवरोध समाप्त होंगे और यातायात सुचारु रूप से संचालित हो सकेगा। यह परियोजना यात्रा समय में कमी लाने, यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने तथा चंडीगढ़ के शहरी सड़क नेटवर्क की समग्र दक्षता को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, साथ ही बढ़ते यातायात दबाव को भी संभालेगी।
लगभग ₹16.63 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना के अंतर्गत दोहरे चार-लेन मार्ग वाले उच्च स्तरीय पुल का निर्माण प्रस्तावित है, जिसमें पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ और साइकिल ट्रैक की भी व्यवस्था होगी। डिजाइन में उन्नत आरसीसी एवं प्रीकास्ट निर्माण तकनीक के साथ प्रभावी जल निकासी प्रणाली और बाढ़-रोधी उपाय शामिल किए गए हैं, ताकि सभी मौसमों में इसकी मजबूती, स्थायित्व और विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा सके।इस परियोजना पर कार्य जुलाई 2026 से शुरू होने की संभावना है, जिसे प्रारंभ से 12 महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।



