Health News : आमतौर पर लंबे समय तक लैपटॉप या मोबाइल का इस्तेमाल करना, गलत पॉश्चर में बैठना, सोने की गलत स्थिति और गर्दन से जुड़ी परेशानियां कंधों में दर्द का कारण बन सकती हैं। कुछ लोगों को यह दर्द कभी-कभार होता है, जबकि कुछ लोगों में यह लंबे समय तक बना रहता है। लेकिन कई बार लगातार रहने वाला कंधे का दर्द हड्डियों के कैंसर का संकेत भी हो सकता है।जानकारों के मुताबिक, केवल कंधे में दर्द होने का मतलब हड्डियों का कैंसर होना नहीं है। ज्यादातर मामलों में कंधे का दर्द मांसपेशियों में खिंचाव, रोटेटर कफ की समस्या, गर्दन या रीढ़ से जुड़ी परेशानी के कारण होता है।
सर्वाइकल की समस्या में भी दर्द गर्दन से होते हुए कंधे और हाथ तक पहुंच सकता है। इसलिए केवल कंधे में दर्द के आधार पर कैंसर की आशंका जताना सही नहीं होगा। हालांकि, अगर दर्द लंबे समय तक बना रहता है, लगातार बढ़ रहा है या सामान्य उपचार के बावजूद बार-बार वापस आता है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे मामलों में दर्द के पैटर्न के साथ-साथ शरीर में दिखाई देने वाले अन्य बदलावों पर भी ध्यान देना जरूरी है। हड्डियों से जुड़े कैंसर में होने वाला दर्द सामान्य मांसपेशियों के दर्द से अलग हो सकता है। यह लगातार बना रह सकता है और समय के साथ बढ़ सकता है। कुछ मामलों में रात के समय या आराम करने के दौरान दर्द अधिक परेशान कर सकता है।
इसके अलावा दर्द वाली जगह पर सूजन या गांठ दिखाई देना, दबाने पर असामान्य दर्द महसूस होना और प्रभावित हिस्से में लगातार परेशानी रहना भी ऐसे संकेत हो सकते हैं, जिनकी चिकित्सकीय जांच जरूरी है। बिना किसी स्पष्ट कारण के तेजी से वजन कम होना, अत्यधिक कमजोरी और लगातार थकान जैसी समस्याएं भी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकती हैं। हालांकि, इन लक्षणों का मतलब सीधे तौर पर कैंसर नहीं है, क्योंकि इनके पीछे कई अन्य स्वास्थ्य संबंधी कारण भी हो सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार या बढ़ते कंधे के दर्द की वास्तविक वजह जानने के लिए डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। स्थिति के अनुसार चिकित्सक शारीरिक जांच के अलावा एक्स-रे, एमआरआई या अन्य जांच कराने की सलाह दे सकते हैं।



