HomeNationalयूपी कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन: 2027 चुनाव के लिए बिछी नई बिसात

यूपी कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन: 2027 चुनाव के लिए बिछी नई बिसात

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में 2027 के आगामी विधानसभा चुनावों को देखकर कांग्रेस ने अपनी राज्य इकाई में बड़े पैमाने पर नेतृत्व परिवर्तन किया है। कांग्रेस पार्टी ने अजय राय की जगह अनुभवी विधायक आराधना मिश्रा मोना को प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी है, जो एक रणनीतिक बदलाव का संकेत है। इन नियुक्तियों में पूर्व विधायक इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि देवेंद्र निषाद और आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अतिरिक्त, चौधरी वीरेंद्र सिंह को कांग्रेस विधायक दल का नेता नियुक्त करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है। ये फेरबदल समाजवादी पार्टी के साथ संभावित गठबंधन और आगामी चुनावी चुनौतियों के मद्देनजर कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने और जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने के उद्देश्य से किए गए हैं।

प्रतापगढ़ की रामपुर खास सीट से विधायक आराधना मिश्रा कांग्रेस के दिग्गज नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी की बेटी हैं। विधानसभा में अपनी मुखर और सशक्त आवाज के लिए मशहूर मोना की नियुक्ति को एक सोची-समझी रणनीति के तहत देखा जा रहा है। कांग्रेस इस कदम से महिला और ब्राह्मण दोनों वर्गों को साधने की उम्मीद कर रही है, साथ ही प्रियंका गांधी वाड्रा के लड़की हूं, लड़ सकती हूं अभियान से भी उनके गहरे जुड़ाव को भुनाना चाहती है। मोना को राजनीति की अच्छी समझ विरासत में मिली है और उन्हें प्रियंका गांधी के करीबियों में भी गिना जाता है। पार्टी का यह संगठनात्मक फेरबदल सामाजिक इंजीनियरिंग का एक बड़ा प्रयास है, जिसका लक्ष्य विभिन्न समुदायों को एक साथ लाना है।

एक ब्राह्मण चेहरे (आराधना मिश्रा) के साथ-साथ दलित नेता राजेंद्र पाल गौतम को राज्य प्रभारी नियुक्त कर कांग्रेस ब्राह्मण-दलित वोट बैंक में अपनी पैठ बनाने की कोशिश कर रही है। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी उत्तर प्रदेश के घटनाक्रमों पर व्यक्तिगत रूप से नजर बनाए हुए हैं और इन रणनीतिक निर्णयों में उनकी अहम भूमिका रही है। कांग्रेस को उम्मीद है कि ये संगठनात्मक बदलाव राज्य में नए राजनीतिक समीकरणों को जन्म देगा और ब्राह्मण समुदाय तक अपनी पहुंच बढ़ाने में मदद मिलेगी, जिसकी आवश्यकता पार्टी लंबे समय से महसूस कर रही थी। शीर्ष नेतृत्व का मानना है कि इन नियुक्तियों से पार्टी की चुनावी संभावनाओं को बल मिलेगा और 2027 के विधानसभा चुनावों में वह अधिक मजबूती से चुनौती पेश कर पाएगी।

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