बेंगलुरु। आगामी जूनियर एशिया कप 2026 की तैयारियों के लिए मलेशियाई अंडर-21 पुरुष हॉकी टीम भारत दौरे पर है। इस दौरे में मलेशियाई टीम भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम और साई टीम से कुल आठ मुकाबले खेलेगी। ये सभी मैच साई नेताजी सुभाष सदर्न सेंटर में आयोजित किए जाएंगे। इस सीरीज दोनों देशों की टीमों को एशिया कप के साथ ही भविष्य के अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों, विशेष रूप से जूनियर एशिया कप, की तैयारी का भी अवसर मिलेगा। इस दौरे का लक्ष्य खिलाड़ियों को उच्च-स्तरीय अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा का अनुभव करना और भारत व मलेशिया के बीच मौजूदा खेल संबंधों को और बेहतर बनाना है।
भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम के मुख्य कोच फ्रेडरिक सोयेज ने कहा है कि इस सीरीज से टीम को काफी लाभ होगा। उनके अनुसार ये मुकाबले जूनियर एशिया कप की तैयारियों के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे। उन्होंने कहा, बेल्जियम दौरे के दौरान हमारे प्रदर्शन में निरंतर आया था, और अब मलेशिया के खिलाफ यह घरेलू सीरीज से टीम की तैयारी और बेहतर होगी। सोयेज ने साथ ही कहा, पिछले सप्ताह के गहन प्रशिक्षण शिविर में जिन रणनीतिक क्षेत्रों पर हमने काम किया है, उन्हें मैच हालातों में आंकने का अच्छा अवसर होगा, जिससे हमें अपनी टीम की ताकत और कमजोरियों को समझने में सहायता मिलेगी।
हाल ही में बेल्जियम दौरे से लौटी भारतीय जूनियर टीम ने वहां कई मजबूत अंतरराष्ट्रीय टीमों के खिलाफ खेलकर अच्छा खासा अनुभव हासिल किया है। अब मलेशिया के विरुद्ध आठ मैचों की इस सीरीज से टीम संयोजन, खेल रणनीति को अंतिम रूप देने और खिलाड़ियों के प्रदर्शन का आंकलन करने में सहायता मिलेगी। इन आठ मुकाबलों में से पांच मैच मलेशियाई अंडर-21 टीम भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम के खिलाफ खेलेगी, जबकि शेष तीन मुकाबले साई टीम के साथ होंगे। यह दौरा निश्चित रूप से दोनों टीमों के युवा खिलाड़ियों के लिए एक अमूल्य सीखने का अनुभव साबित होगा और उन्हें आगामी जूनियर एशिया कप जैसे बड़े टूर्नामेंटों में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए तैयार करेगा।



