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प्रधानमंत्री के विज़न के अनुरूप हरियाणा पुलिस के आधुनिकीकरण और पुलिस कल्याण को नई दिशा : डीजीपी अजय सिंघल

चंडीगढ़ – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2026 को “पुलिस मॉडर्नाइजेशन एवं वेलफेयर का वर्ष” घोषित किए जाने के विज़न को हरियाणा में तेजी से साकार किया जा रहा है। पुलिस महानिदेशक हरियाणा अजय सिंघल ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा पुलिस के आधुनिकीकरण और पुलिस कर्मियों के कल्याण के लिए अभूतपूर्व स्तर पर कार्य हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस आधुनिकीकरण के लिए लगभग ₹750 करोड़ की राशि उपलब्ध कराई गई है।

वहीं, विभिन्न योजनाओं और प्रगति पर चल रही परियोजनाओं को शामिल करने पर पुलिस आधुनिकीकरण और आधारभूत ढांचे के विकास पर कुल निवेश लगभग ₹980 करोड़ तक पहुंचता है। इस राशि से राज्यभर में 237 आधारभूत संरच ना परियोजनाओं को गति मिलेगी और प्रत्येक जिले में पुलिस अवसंरचना को सुदृढ़ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह हरियाणा पुलिस के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा आधारभूत संरचना विकास कार्यक्रम है। इसी उद्देश्य से विज़न-2030 और विज़न-2047 का रोडमैप तैयार किया गया है, जिसकी मुख्यमंत्री स्वयं नियमित समीक्षा कर रहे हैं।

स्मार्ट पुलिस भविष्य की पुलिसिंग का आधार –  सिंघल आज सेक्टर-6 पंचकूला स्थित पुलिस मुख्यालय में संवाददाता सम्मलेन को सम्बोधित कर रहे थे। डीजीपी सिंघल ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन के अनुसार पुलिस को स्मार्ट पुलिस के सिद्धांत पर कार्य करना होगा। उन्होंने बताया कि स्मार्ट का अर्थ है— एस– स्ट्रिक्ट बट सेंसिटिव (सख्त लेकिन संवेदनशील), एम – मॉडर्न एंड मोबाइल (आधुनिक एवं सदैव गतिशील),ए – अलर्ट एंड अकाउंटेबल (सतर्क एवं जवाबदेह), आर – रिलायबल एंड रिस्पॉन्सिव (विश्वसनीय एवं त्वरित प्रतिक्रिया देने वाली), टी – टेक्नो-सेवी एंड ट्रेंड (तकनीक-सक्षम एवं प्रशिक्षित)। उन्होंने कहा कि स्मार्ट पुलिस केवल एक सोच नहीं है, बल्कि यह पुलिसिंग के प्रत्येक क्षेत्र के लिए एक फ्रेमवर्क है, इसमें बेहतर प्रशिक्षण, अच्छा व्यवहार, प्रभावी कार्यप्रणाली, आधुनिक संसाधनों का उपयोग तथा विज्ञान एवं तकनीक आधारित पुलिस व्यवस्था को शामिल किया गया है।

 पुलिस कर्मियों का कल्याण हमारी पहली प्राथमिकता- सिंघल ने कहा कि लगभग छह माह पहले पुलिस महानिदेशक का कार्यभार संभालने के बाद उनकी पहली प्राथमिकता उस पुलिस बल का कल्याण था, जो दिन-रात जनता की सुरक्षा में लगा रहता है। उन्होंने बताया कि पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के लिए शगुन योजना, हॉस्टल योजना, मेंटल हेल्थ एवं स्ट्रेस मैनेजमेंट जैसे कई नए कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। इनका उद्देश्य पुलिस कर्मियों को बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराना तथा उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाना है।

 कानून व्यवस्था के साथ आधुनिक पुलिसिंग पर भी बराबर जोर – डीजीपी ने कहा कि हरियाणा पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी कानून व्यवस्था बनाए रखना और अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण करना है। इसी दिशा में अनेक नई पहल शुरू की गई हैं, जिन्हें देश के अन्य राज्य भी अपनाने लगे हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में अभेद्य ऐप, ड्यूल ओटीपी सिस्टम, डायल-112, आरजेएसएफ, रात्रि नाका बंदी, एंटी-नारकोटिक्स कंट्रोल पहल,  सीसीटीवी कैमरों का विस्तार, ट्रेनिंग रिफॉर्म्स तथा बी-1 टेस्ट जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं सफलतापूर्वक लागू की जा रही हैं। इसके अलावा एटीएम मॉनिटरिंग सिस्टम, नारकोटिक्स के लिए वार्षिक योजना तथा पुलिस भर्ती प्रक्रिया को और मजबूत बनाने सहित कई नई परियोजनाओं पर तेजी से कार्य चल रहा है। साथ ही एटीएस को भी आधुनिक संसाधनों और तकनीक से लगातार मजबूत किया जा रहा है।

लगभग ₹980 करोड़ से पुलिस का सबसे बड़ा आधुनिकीकरण अभियान – सिंघल ने कहा कि प्रधानमंत्री के विज़न और मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में हरियाणा पुलिस के इतिहास का सबसे बड़ा आधुनिकीकरण अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा पुलिस इन्फ्रास्ट्रक्चर और मॉडर्नाइजेशन के लिए लगभग ₹750 करोड़ रूपये का बजट अलॉट किया गया है, जिन्हें अगले दो वर्षों में चरणबद्ध तरीके से खर्च किया जाएगा। इस राशि से पुलिस लाइन, पुलिस आवास, कम्युनिटी सेंटर और अन्य आवश्यक भवनों का निर्माण एवं उन्नयन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय की एसएलइसी/एएसयूएमपी (ASUMP) योजना के तहत लगभग ₹120 करोड़ की राशि भी स्वीकृत हुई है। इसका उपयोग फोरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल), साइबर लैब, आधुनिक संचार प्रणाली तथा अत्याधुनिक उपकरणों के विकास में किया जाएगा। इसके अलावा निर्भया फंड के तहत महिला सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए लगभग ₹100 से ₹200 करोड़ रूपये के बजट मिलने की उम्मीद है। इन परियोजनाओं में वर्किंग वुमन के लिए पोर्टल, पिंक पीसीआर और महिलाओ से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण कदम उठाये जाएंगे।

 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर पुलिसिंग पर विशेष ध्यान – डीजीपी ने बताया कि भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए हरियाणा पुलिस साइबर अपराधों और आधुनिक तकनीक आधारित अपराधों से निपटने के लिए तेजी से तैयारी कर रही है। उन्होंने बताया कि हरियाणा पुलिस द्वारा एक समर्पित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सेल बनाया जा रहा है। फिलहाल इस सेल के लिए कैपेसिटी बिल्डिंग, डाटा संग्रह तथा एआई के विभिन्न उपयोगों पर काम किया जा रहा है, ताकि अपराधों की रोकथाम, जांच और विश्लेषण को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। उन्होंने बताया कि ई-जीरो एफआईआर की नई व्यवस्था भी शुरू की गई है, जिसके तहत अब तक 28 ई-जीरो एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा में एक लाख रूपये से अधिक राशि के साइबर फ्रॉड की प्रत्येक वर्ष लगभग पांच हजार शिकायते प्राप्त होती है।

 एटीएस को बनाया जा रहा है और अधिक सक्षम – डीजीपी ने बताया कि गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार हरियाणा में एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) का गठन किया गया है। इसमें अलग-अलग विशेषज्ञ इकाइयां विकसित की जा रही हैं ताकि आतंकवाद और संगठित अपराध से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। उन्होंने कहा कि एटीएस केवल घटना के बाद कार्रवाई नहीं करेगा, बल्कि अपराध होने से पहले रोकथाम, घटना के दौरान त्वरित कार्रवाई और घटना के बाद प्रभावी जांच—तीनों स्तरों पर काम करेगा।

 संगठित अपराध के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई –  सिंघल ने कहा कि बदलते समय के साथ अपराध का स्वरूप भी बदल रहा है। विदेशों से आने वाली रंगदारी की कॉल और तकनीक आधारित संगठित अपराध नई चुनौती बनकर सामने आए हैं। हरियाणा पुलिस ऐसे अपराधों पर गंभीरता से काम कर रही है।उन्होंने बताया कि पिछले छह महीनों में हरियाणा पुलिस ने कई गंभीर मामलों का तेजी से खुलासा करते हुए 24 घंटो के भीतर आरोपी को सलाखों के पीछे पहुँचाया है। इसके अलावा 22 वांछित अपराधियों को विदेशों से वापस लाया जा चुका है, जबकि 6 से 7 अन्य अपराधियों की वापसी की प्रक्रिया जारी है।

 पुलिस भर्ती और क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर – डीजीपी ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा पुलिस विभाग के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। इनमें 5,000 नए पुलिसकर्मियों की भर्ती, अग्निवीरों को अवसर, अत्याधुनिक एटीएस, वन रैंक एन्ड पे योजना, नूंह में लगभग 107 एकड़ भूमि में इंडिया रिजर्व बटालियन की स्थापना, 150 नई इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल्स खरीदने, 7 नए महिला पुलिस थाने स्थापित करने और पुलिस वेलफेयर फंड जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में हरियाणा पुलिस में लगभग 30 प्रतिशत पद रिक्त हैं, जिन्हें जल्द भरा जाएगा। हमारा उद्देश्य केवल रिक्तियां भरना नहीं, बल्कि हरियाणा पुलिस को युवा, प्रशिक्षित, पेशेवर और तकनीक आधारित पुलिस बल के रूप में विकसित करना है।

 हरियाणा पुलिस बनेगी देश के लिए एक आदर्श मॉडल – डीजीपी  अजय सिंघल ने कहा कि हरियाणा पुलिस की कई पहलें आज देशभर में बेस्ट प्रैक्टिसेज के रूप में पहचान बना चुकी हैं और अन्य राज्य भी उन्हें अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल नई योजनाएं शुरू करना नहीं, बल्कि स्पष्ट रोडमैप के साथ ऐसी पुलिस व्यवस्था तैयार करना है जो आधुनिक तकनीक से लैस हो, जनता के प्रति संवेदनशील हो और भविष्य की चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना कर सके। उन्होंने कहा कि  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत-2047’ के विज़न तथा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में साझा विज़न, बेहतर समन्वित कार्यप्रणाली और सामूहिक प्रतिबद्धता के साथ हरियाणा पुलिस देश की सबसे आधुनिक, सक्षम और जनविश्वास वाली पुलिस फोर्स बनने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है।

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