• आई.के. गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी के कन्वोकेशन समारोह में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने विद्यार्थियों को डिग्रियां वितरित कीं
कपूरथला – मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि हमारी सरकार नौजवानों को अपने पैरों पर खड़े होने के योग्य बनाने के लिए पंजाब की शिक्षा प्रणाली में बदलाव कर रही है और रोजगार के अवसर पैदा कर रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हमारा मुख्य लक्ष्य नौकरी खोजने वालों को नौकरियां देने वाले बनाना है। यहां आई.के. गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी के 14वें कन्वोकेशन समारोह के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार ने सरकारी स्कूलों का कायाकल्प करने के साथ-साथ मेरिट के आधार पर 70,000 सरकारी नौकरियां दी हैं। उन्होंने आगे कहा कि पिछली सरकारों द्वारा शिक्षा और रोजगार की की गई अनदेखी ने ही नौजवानों को विदेशों में अवसर खोजने के लिए मजबूर किया था। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि चार साल के लगातार प्रयासों ने पंजाब को शिक्षा के क्षेत्र में पहले नंबर पर पहुंचा दिया है और उन्होंने नौजवानों से अपील की कि वे राज्य के सुनहरे भविष्य की नींव शिक्षा और खेलों को बनाएं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भाजपा पर तीखा निशाना साधते हुए कहा कि वे पंजाब को बदनाम करने की बजाय गुजरात से नशों की सप्लाई को रोकें।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज मुझे आई.के. गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी, कपूरथला के 14वें कन्वोकेशन समारोह में विद्यार्थियों को डिग्रियां वितरित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। डिग्री केवल कागज का टुकड़ा नहीं है, यह एक ऐसा सर्टिफिकेट है, जो नौजवानों को उनके सपनों को हकीकत में बदलने के अवसर देता है। हमारा लक्ष्य पंजाब के नौजवानों को नौकरियां खोजने वाले नहीं, बल्कि नौकरियां देने वाले बनाना है। शिक्षा और खेल पंजाब के सुनहरे भविष्य की कुंजियां हैं। डिग्री प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को दिल से बधाई। मैं उनके सफल भविष्य की कामना करता हूं। इंकलाब जिंदाबाद।”कन्वोकेशन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जो लोग नशे की समस्या को लेकर पंजाब को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें पहले इस समस्या से निपटने में अपनी नाकामी के लिए जवाबदेह होना चाहिए। मैं भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को चुनौती देता हूं कि वह स्पष्ट करे कि केंद्र और गुजरात दोनों जगह भाजपा की सरकार होने के बावजूद गुजरात और देश के अन्य हिस्सों की बंदरगाहों के रास्ते नशों की सप्लाई कैसे जारी रही। पंजाब किसी को यह इजाजत नहीं देगा कि नशा तस्करी की समस्या के राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य को अनदेखा करके निशाना बनाकर आलोचना और राजनीतिक प्रचार के माध्यम से छवि खराब की जाए।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें नौजवानों के लिए उपयुक्त अवसर पैदा करने में असफल रहीं, जिस कारण बहुत से नौजवानों को बेहतर भविष्य के लिए विदेशों की ओर देखना पड़ा। उन्होंने आगे कहा कि मौजूदा सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि पंजाब के नौजवान अपनी इच्छाओं को पूरा कर सकें और पंजाब में ही सफल करियर बना सकें।मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने गुणवत्ता, पहुंच, आधुनिक बुनियादी ढांचे और व्यावहारिक हुनर पर नए सिरे से जोर देते हुए शिक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव लाए हैं। उन्होंने कहा कि सुधारों को प्रभावशाली ढंग से लागू करना सुनिश्चित करने के लिए एक ही मंत्री के अधीन शिक्षा के तीनों विंगों में बेहतर तालमेल कायम किया गया है। उन्होंने कहा, “सरकारी स्कूलों को फर्नीचर, स्मार्ट क्लासरूम और आधुनिक साइंस लैब से लैस किया जा रहा है, जबकि नए कोर्स विद्यार्थियों को उभरती प्रौद्योगिकियों और नए जमाने के करियर के लिए तैयार कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि आम परिवारों के बच्चों को भी वही मानकीय शिक्षा और अवसर मिलें जो विशेषाधिकार प्राप्त विद्यार्थियों को मिलते हैं।”
उन्होंने कहा कि शिक्षकों को नई शिक्षण पद्धतियां सीखने और पंजाब के कक्षाओं में अंतरराष्ट्रीय शिक्षण प्रथाओं को लागू करने के लिए सिंगापुर और फिनलैंड भेजा गया है। उन्होंने आगे कहा, “सरकार शिक्षा प्रक्रिया को अधिक रोचक, संवादात्मक और समकालीन आवश्यकताओं के अनुरूप बना रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और अन्य उभरती प्रौद्योगिकियां विद्यार्थियों के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रही हैं।”मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सुधारों का उद्देश्य युवाओं को तेजी से प्रतिस्पर्धी होती दुनिया में सफल होने के लिए आवश्यक ज्ञान, आत्मविश्वास और व्यावहारिक क्षमताओं से लैस करना है।शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब की प्रगति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि नीति आयोग के अनुसार, पंजाब वर्ष 2022 से पहले 27वें स्थान पर था, लेकिन अब शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय स्कूलों के बुनियादी ढांचे में सुधार, शिक्षण के स्तर को मजबूत करने और आर्थिक पृष्ठभूमि से परे सभी विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के निरंतर प्रयासों को दिया।
उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि आर्थिक परिस्थितियां किसी भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी को अपनी क्षमता का पूर्ण विकास करने से न रोकें। उन्होंने कहा, “शिक्षा एक समानतापूर्ण और समृद्ध समाज की नींव है। हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और अवसर केवल उन लोगों तक सीमित न रहें, जो महंगे संस्थानों में प्रवेश खरीद सकते हैं। हम युवाओं को आधुनिक कौशल, तकनीकी ज्ञान और उद्यमशील सोच से लैस करना चाहते हैं, ताकि वे नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनें।”मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सामान्य परिवारों के 882 विद्यार्थियों का नीट परीक्षा में सफल होना इस बात का प्रमाण है कि प्रतिभा केवल विशेषाधिकार प्राप्त लोगों की जागीर नहीं है। जब विद्यार्थियों को उचित अवसर और सहयोग मिलता है, तो वे शानदार प्रदर्शन कर सकते हैं।उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि राज्य सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान यह सुनिश्चित किया है कि अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति के भुगतान में एक सेमेस्टर की भी देरी न हो। इससे आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के विद्यार्थी बिना किसी अनावश्यक वित्तीय अनिश्चितता के अपनी उच्च शिक्षा जारी रख सकते हैं।
उन्होंने कहा, “प्रतिभा समाज के हर वर्ग में मौजूद है। युवाओं को केवल निष्पक्ष अवसर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उचित सहयोग की आवश्यकता है। हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि आर्थिक बाधाएं शिक्षा के मार्ग में रुकावट न बनें और योग्य विद्यार्थी अपने सपनों को साकार कर सकें।”मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पंजाब सरकार ने बिना किसी पैसे, सिफारिश या पक्षपात के, पूरी तरह योग्यता के आधार पर 70,685 सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। उन्होंने कहा, “पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया ने युवाओं का आत्मविश्वास बहाल किया है और यह साबित किया है कि सरकारी नौकरी सिफारिश के बजाय कड़ी मेहनत और योग्यता के आधार पर प्राप्त की जा सकती है। हमारी प्राथमिकता ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां प्रत्येक योग्य युवा को सफल होने का अवसर मिले।”उन्होंने डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों से अपील की कि वे प्रौद्योगिकी, नवाचार, उद्योग और उद्यमिता के क्षेत्र में उभर रहे अवसरों का लाभ उठाएं तथा पंजाब के आर्थिक विकास में योगदान दें।विद्यार्थियों को सक्रिय, उद्देश्यपूर्ण और अपने लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहने के लिए प्रेरित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी अवसर पैदा करना और आवश्यक सहयोग प्रदान करना है, जबकि युवाओं को ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए इन अवसरों का सदुपयोग करना होगा। उन्होंने कहा, “सरकार एक हवाई अड्डे के रनवे की तरह होती है, जो विमान को उड़ान भरने के लिए मंच प्रदान करती है।
खिलाड़ियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी उपलब्धियां समर्पण, अनुशासन, कड़ी मेहनत और टीम भावना का परिचायक हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब का खेलों में गौरवशाली इतिहास रहा है और यहां के बेटे-बेटियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गर्व के साथ भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “हमारे हॉकी खिलाड़ियों की उपलब्धियां पंजाब और पूरे देश के लिए गर्व की बात हैं। उनका समर्पण और कड़ी मेहनत दर्शाती है कि अनुशासन और लगन के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के साथ क्या-क्या हासिल किया जा सकता है।”उन्होंने एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी टूर्नामेंट की मेजबानी के लिए पंजाब की तैयारियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर राज्य की खेल संस्कृति, मेहमाननवाजी और संगठनात्मक क्षमताओं को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर बताया।शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के उप कुलपति डॉ. अरविंद कुमार बंसल और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।



