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ऊर्जा मंत्री ने अम्बाला छावनी साइंस इंडस्ट्री में कॉमर्शियल गैस की निरंतर उपलब्धता के लिए उच्च अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए

चंडीगढ़ – हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने आज अम्बाला छावनी की साइंस इंडस्ट्री में मध्य-पूर्व युद्ध से उत्पन्न हुए कामर्शियल गैस संकट को लेकर प्रदेश के उच्च अधिकारियों से बातचीत करते हुए इसके त्वरित समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि साइंस उद्यमियों के लिए कॉमर्शियल गैस की निरंतर उपलब्धता होनी चाहिए ताकि इनके कामकाज प्रभावित न हों। विज के अम्बाला छावनी स्थित आवास पर अम्बाला छावनी साइंस इंडस्ट्री से “द अम्बाला साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट मैन्यूफेक्चरर्स एसोसिएशन” और ”साइंटिफिक अप्रेट्स मैन्यूफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टस” के पदाधिकारियों से मुलाकात करते हुए गैस उपलब्धता के लिए गुहार लगाई।

एसोसिएशन पदाधिकारियों की मांग को त्वरित कार्रवाई करते हुए ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के आयुक्त एवं सचिव जे. गणेशन से बात की और साइंस इंडस्ट्री में निरंतर कॉमर्शियल गैस उपलब्धता जारी करने को कहा। उन्होंने कहा कि अम्बाला छावनी में हजारों घरों की रोजी-रोटी साइंस इंडस्ट्री है और गैस उपलब्ध नहीं होने पर काम प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि साइंस इंडस्ट्री में गैस आपूर्ति का अलग से शेड्यूल तय कर यहां निरंतर गैस उपलब्ध कराई जाए।

ऊर्जा मंत्री अनिल विज डीसी अम्बाला अजय तोमर से भी इस मामले में कार्रवाई करने के दिशा-निर्देश दिए ताकि साइंस उद्यमियों को गैस किल्लत से जुझना न पड़े। ऊर्जा मंत्री अनिल विज द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई पर एसोसिएशन सदस्यों व साइंस उद्यमियों ने उनका धन्यवाद जताया। साइंस उद्यमी व एसोसिएशन अध्यक्ष जतिंद्र सहगल के अलावा संजय गुप्ता, सौरभ नागपाल, नवनीत मित्तल, उमाकांत, मुकेश चोपड़ा, रजत जैन, गुरकिरपाल सिंह आदि ने बताया कि कॉमर्शियल गैस संकट की वजह से साइंस ग्लासवेयर इंडस्ट्री पर प्रभाव पड़ रहा है।

 पीएम नरेंद्र मोदी की विदेश नीति की बदौलत हमारे फंसे हुए जहाज निकल रहे हैं – ऊर्जा मंत्री अनिल विज

वहीं, ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने मध्य-पूर्व में युद्ध से उत्पन्न हुए तेल व गैस संकट पर कहा कि अब जो समस्या उत्पन्न हुई है वह हिंदुस्तान की वजह से नहीं बल्कि दूसरी शक्तियों की वजह से उत्पन्न हुई है जो आपस में लड़ रही है।उन्होंने कहा कि इस वजह से तेल और गैस लाने का मार्ग अवरुद्ध हुए है। हालांकि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की विदेश नीति के बल पर हम अपने फंसे हुए जहाजों को निकलवा सके है जिनके जरिए तेल व गैस आपूर्ति हो रही है। भारत के जो शेष 22 जहाज फंसे है जिनमें लगभग 166 नाविक है उन्हें निकलवाने के लिए भी सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि वेे जनता से यह कहना चाहते हैं कि वह घबराएं नहीं क्योंकि सरकार लगातार कोशिश कर रही है कि लोगों को किसी तरह की दिक्कत न आए।

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