इस संबंध में पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने कहा, “वाहनों की सघन जांच तथा अपराधियों के विरुद्ध निरंतर कार्रवाई के तहत पंजाब पुलिस विभिन्न विशेष अभियान चला रही है। पिछले एक माह के दौरान पुलिस ने 3,355 वाहन जब्त किए हैं तथा प्रभावी कार्रवाई के माध्यम से 7,402 वाहनों का सफलतापूर्वक निस्तारण भी किया है।”उन्होंने बताया कि इस अवधि के दौरान एनडीपीएस अधिनियम की धारा 52-ए के अंतर्गत आने वाले मामलों को छोड़कर 8,121 वाहनों से संबंधित आवेदन कानूनी जांच के अधीन हैं, जबकि धारा 52-ए के अंतर्गत 1,276 मामलों में इन्वेंट्री तैयार करने तथा फोटोग्राफी संबंधी कानूनी प्रक्रिया अभी लंबित है।
यह विशेष अभियान राज्य के विभिन्न पुलिस जिलों एवं पुलिस कमिश्नरेटों में व्यापक स्तर पर चलाया गया। जालंधर पुलिस कमिश्नरेट ने अपनी अभिरक्षा में मौजूद 5,993 वाहनों में से 779 वाहनों का निस्तारण किया। मोगा पुलिस ने 2,367 में से 697 तथा बठिंडा पुलिस ने 3,008 में से 631 वाहनों का निस्तारण किया। इसी प्रकार फिरोजपुर पुलिस ने 2,649 में से 586, लुधियाना (देहात) पुलिस ने 1,618 में से 538 तथा लुधियाना पुलिस कमिश्नरेट ने 7,471 में से 460 वाहनों का निस्तारण किया। तरनतारन पुलिस ने 2,033 में से 302 तथा फाजिल्का पुलिस ने अपनी अभिरक्षा में मौजूद 2,216 वाहनों में से 283 वाहनों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया।
इस अवसर पर पंजाब के विशेष डीजीपी (कानून एवं व्यवस्था) प्रवीण कुमार सिन्हा ने कहा, “ये आंकड़े स्वयं इस बात का प्रमाण हैं कि पंजाब पुलिस न केवल कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह सक्रिय है, बल्कि कानूनी प्रक्रियाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को भी सुनिश्चित कर रही है। आने वाले महीनों में राज्य पुलिस सभी कानूनी प्रक्रियाओं का समयबद्ध पालन करते हुए कस्टडी में रखे वाहनों के निस्तारण की प्रक्रिया को और अधिक तेज करने के लिए निरंतर प्रयास करेगी।”



