नई दिल्ली। जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक चले अपने अनशन को समाप्त कर दिया। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से कुछ प्रमुख मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने के बाद यह फैसला लिया गया। वांगचुक के अनुसार, सरकार ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों और 20 जुलाई के मार्च में शामिल प्रदर्शनकारियों पर कोई मामला दर्ज नहीं करने पर सहमति जताई है। साथ ही नीट पेपर लीक से जुड़े आत्महत्या के मामलों में प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने पर भी विचार करने का आश्वासन दिया गया है।वांगचुक ने बताया कि केंद्रीय मंत्रियों और आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधियों के बीच पिछले दो दिनों से लगातार बातचीत चल रही थी। उनका कहना था कि वह केवल मौखिक नहीं, बल्कि लिखित आश्वासन चाहते थे, इसलिए अनशन दो दिन और जारी रखना पड़ा।
अंततः सरकार ने लिखित रूप में भरोसा दिया, जिसके बाद उन्होंने अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों के करीब 65 सांसदों ने भी उनसे मुलाकात कर अनशन खत्म करने की अपील की और संसद में नीट पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली और शिक्षा सुधार जैसे मुद्दों पर चर्चा कराने का आश्वासन दिया। सरकार की ओर से भी संसद में इन विषयों पर बहस कराने की सहमति जताई गई है।हालांकि, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सरकार ने कोई तत्काल आश्वासन नहीं दिया। वांगचुक ने कहा कि उनके सामने दो विकल्प थे—या तो अनिश्चितकाल तक अनशन जारी रखें या आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए स्वयं को सुरक्षित रखें। उन्होंने कहा कि कई लोगों ने उन्हें लगातार यह सलाह दी कि संघर्ष को आगे बढ़ाने के लिए उनका जीवित रहना अधिक जरूरी है।
वांगचुक का मानना है कि यदि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर सरकार ने निर्णय नहीं लिया तो इससे छात्रों की अपेक्षा सरकार की छवि को अधिक नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा समय के साथ अपने तरीके से हल हो जाएगा, लेकिन उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण यह था कि आंदोलन में शामिल युवाओं पर कोई कानूनी कार्रवाई न हो और उनका भविष्य प्रभावित न हो। लद्दाख का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि एफआईआर और कानूनी मामलों के कारण युवाओं का भविष्य लंबे समय तक प्रभावित होता है। इसलिए प्रदर्शनकारियों पर मुकदमे दर्ज न करने का आश्वासन आंदोलन की बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने उम्मीद जताई कि संसद में शिक्षा व्यवस्था, जवाबदेही और परीक्षा प्रणाली पर गंभीर चर्चा होगी तथा प्रभावित परिवारों को न्याय मिलेगा। आखिर में उन्होंने आंदोलन को समर्थन देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।



