HomePunjabचंडीगढ़ में विशेष लोक अदालत का आयोजन: 1,046 मामलों का निस्तारण

चंडीगढ़ में विशेष लोक अदालत का आयोजन: 1,046 मामलों का निस्तारण

चंडीगढ़ – राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान तथा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, यू.टी. चंडीगढ़ के संरक्षक-इन-चीफ एवं कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्रा तथा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, यू.टी. चंडीगढ़ के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति हरसिमरन सिंह सेठी के कुशल मार्गदर्शन में जिला न्यायालय परिसर, सेक्टर-43, चंडीगढ़ में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, यू.टी. चंडीगढ़ एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, यू.टी. चंडीगढ़ द्वारा विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया।

जिला न्यायालय परिसर, सेक्टर-43, चंडीगढ़ में कार्यरत न्यायिक अधिकारियों की अध्यक्षता में सात पीठों का गठन किया गया। इन पीठों में परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी), वैवाहिक विवाद तथा यातायात चालान से संबंधित मामलों को पक्षकारों की सहमति से सुनवाई कर आपसी समझौते के आधार पर निस्तारित किया गया। विशेष लोक अदालत में आज 1,046 से अधिक मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया। इन मामलों में कुल ₹5,98,76,877 की राशि पर समझौता हुआ।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, यू.टी. चंडीगढ़ श्री एच.एस. ग्रेवाल ने विशेष लोक अदालत की विभिन्न पीठों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को मुकदमेबाजी समाप्त करने का प्रयास करना चाहिए तथा एक-दूसरे की छोटी-छोटी गलतियों को नजरअंदाज कर आपसी सौहार्द बनाए रखना चाहिए। इससे पारिवारिक जीवन बेहतर होगा और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य में भी सहायता मिलेगी।उन्होंने एक उदाहरण साझा करते हुए बताया कि 28 वर्ष के वैवाहिक जीवन के बाद एक दंपति ने तलाक की याचिका दायर की थी, जबकि उनके दोनों बच्चे विदेश में रह रहे हैं। उन्हें समझाया गया कि चूंकि उनके बच्चे भारत में उनकी देखभाल के लिए उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए उन्हें साथ रहकर अपने वैवाहिक जीवन को आगे बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए।

यह विशेष लोक अदालत राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, यू.टी. चंडीगढ़ के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति हरसिमरन सिंह सेठी के मार्गदर्शन में आयोजित की गई। गांधीवादी सिद्धांतों से प्रेरित लोक अदालतें विवादों के त्वरित, सौहार्दपूर्ण एवं कम खर्चीले निस्तारण का प्रभावी माध्यम बनकर न्यायालयों की सहायता कर रही हैं तथा न्याय तक सरल और शीघ्र पहुंच सुनिश्चित कर रही हैं। जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, यू.टी. चंडीगढ़ एच.एस. ग्रेवाल, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, यू.टी. चंडीगढ़ के सदस्य सचिव अरुण कुमार अग्रवाल तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चंडीगढ़ के सचिव सुनील कुमार ने इस विशेष लोक अदालत की सफलता के लिए सभी संबंधित पक्षों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि वे अपने विवादों के समाधान के लिए लोक अदालतों का अधिकाधिक लाभ उठाएं, क्योंकि यह त्वरित, सुलभ एवं किफायती न्याय प्रदान करने का प्रभावी माध्यम है।

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