सुल्तानपुर । लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले में बीजेपी नेता विजय मिश्र को एमपी-एमएलए कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। स्पेशल जज राकेश यादव की अदालत ने उनकी निगरानी (रिवीजन) याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने का कोई आधार नहीं है। बीजेपी नेता विजय मिश्र ने वर्ष 2018 में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का परिवाद दायर किया था।
आरोप है कि राहुल गांधी ने तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष और वर्तमान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। मुकदमा सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट में विचाराधीन है। परिवादी की ओर से राहुल गांधी की आवाज का नमूना लेकर फॉरेंसिक लैब (एफएसएल) से मिलान कराने की मांग की गई थी। स्पेशल मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा की अदालत ने दो मई को इस अर्जी को खारिज कर दिया था। अदालत ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जमानत व अंतिम बहस की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का आदेश दिया था। मजिस्ट्रेट कोर्ट के इस आदेश को चुनौती देते हुए विजय मिश्र ने एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में निगरानी याचिका दाखिल की थी।
बुधवार को स्पेशल जज राकेश यादव ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि मजिस्ट्रेट कोर्ट की कार्यवाही में हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। निगरानी याचिका खारिज होने के बाद मूल मानहानि मुकदमे की सुनवाई का रास्ता साफ हो गया है। अब 18 जुलाई को स्पेशल मजिस्ट्रेट कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई होगी, जहां अंतिम बहस की प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना है। इस आदेश के बाद भाजपा नेता को तगड़ा झटका लगा है और राहुल गांधी को बड़ी राहत मिली है। अब सभी की निगाहें 18 जुलाई को होने वाली कोर्ट की अंतिम बहस पर टिकी हैं।



