इस संबंध में अधिक जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इस पहल के पहले चरण में 1350 करोड़ रुपये की लागत से पंजाब के गांवों में 3100 स्टेडियम तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य ग्रामीण खेल बुनियादी ढांचे में सुधार कर युवाओं को शारीरिक गतिविधियों में भाग लेने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए सुलभ स्थान उपलब्ध कराना है।उन्होंने कहा कि इन स्टेडियमों में चारदीवारी, गेट, जॉगिंग ट्रैक, समतल खेल मैदान, वॉलीबॉल कोर्ट, स्टोरेज रूम और पौधारोपण सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने आगे कहा कि उभरते खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण के अवसर प्रदान करने के लिए “चयनित मॉडल स्टेडियमों” को टर्फ और अन्य उन्नत बुनियादी ढांचे के साथ विकसित किया जाएगा।
स सौंद ने बताया कि राज्य भर में लगभग 3,000 अत्याधुनिक जिम भी स्थापित किए जाएंगे। पहले चरण में 35 करोड़ रुपये की लागत से 1,000 स्थानों पर जिम स्थापित किए जाएंगे। गांवों में बनाए जाने वाले जिम में बारबेल, वेटलिफ्टिंग सेट, बेंच, डंबल, केटलबेल, रैक और फ्लोर मैट सहित आधुनिक फिटनेस उपकरण उपलब्ध होंगे।ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री ने आगे कहा कि सरकार जमीनी स्तर पर गुणवत्तापूर्ण उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 50 करोड़ रुपये की लागत से 17,000 खेल किटों का वितरण करेगी। प्रत्येक किट में स्थानीय खिलाड़ियों के लिए क्रिकेट का सामान, वॉलीबॉल और फुटबॉल सेट शामिल होगा।
स सौंद ने कहा, “हमारा ध्यान केवल बुनियादी ढांचे के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर एक मजबूत खेल संस्कृति विकसित करना भी है। आधुनिक सुविधाएं और मानक उपकरण प्रदान कर हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि गांव के हर युवा को खेलों और अच्छे स्वास्थ्य का समान अवसर मिले। यह पहल प्रतिभा को निखारने और एक स्वस्थ तथा अनुशासित पीढ़ी के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।”सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि इन पहलों का उद्देश्य युवाओं को खेल और स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों की ओर प्रेरित कर नशे की लत से दूर रखना और उन्हें नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के अवसर प्रदान करना है।



