नई दिल्ली। भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन रविवार को दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर श्रीलंका के लिए रवाना हुए। यह यात्रा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। खास बात यह है कि यह किसी भारतीय उपराष्ट्रपति की श्रीलंका की पहली द्विपक्षीय आधिकारिक यात्रा है, जो भारत-श्रीलंका संबंधों में बढ़ती सक्रियता को दर्शाती है।उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस दौरे के दौरान वे कई अहम कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।
यात्रा के दौरान वे श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायका से मुलाकात करेंगे और प्रधानमंत्री हरिणी अमरासुरिया के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इन बैठकों में आर्थिक सहयोग, विकास परियोजनाओं और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।दौरे का एक प्रमुख आकर्षण भारत सरकार की सहायता से संचालित भारतीय आवास परियोजना का तीसरा चरण है। इस परियोजना के तहत निर्मित मकानों को तमिल समुदाय के लाभार्थियों को सौंपा जाएगा।
इस चरण के पूरा होने के साथ ही कुल 50,000 आवासों का निर्माण पूरा हो जाएगा, जबकि चौथे चरण में अतिरिक्त 10,000 मकानों का निर्माण जारी है। यह पहल श्रीलंका के तमिल समुदाय के जीवन स्तर को सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।उपराष्ट्रपति कोलंबो में भारतीय प्रवासी समुदाय को संबोधित करेंगे और एक सामुदायिक कार्यक्रम में भाग लेंगे। इसके अलावा वे नुवारा एलिया का दौरा भी करेंगे, जहां वे परियोजना स्थलों का निरीक्षण करेंगे और स्थानीय तमिल समुदाय से संवाद करेंगे।



