नोएडा। श्रमिक आंदोलन के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। श्रमिकों की मांगों और कानून व्यवस्था की संवेदनशीलता को देखते हुए सरकार ने राज्य में न्यूनतम मजदूरी की दरों में उल्लेखनीय वृद्धि करने की घोषणा की है। इस नए फैसले का सबसे अधिक लाभ नोएडा और गाजियाबाद में कार्यरत कुशल और अकुशल श्रमिकों को मिलेगा, जिन्हें अब प्रदेश के अन्य हिस्सों के मुकाबले सबसे ज्यादा वेतन प्राप्त होगा।सरकार द्वारा गठित एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति की सिफारिशों के आधार पर सभी श्रेणियों के लिए संशोधित दरों को मंजूरी दे दी गई है। ये नई अंतरिम दरें 1 अप्रैल से प्रभावी मानी जाएंगी। इसका अर्थ यह है कि श्रमिकों को अगले महीने मिलने वाले अप्रैल के वेतन में यह बढ़ी हुई राशि जुड़कर मिलेगी, जिससे उनके आर्थिक स्तर में सुधार की उम्मीद है।
मजदूरी की नई दरों के अनुसार, नोएडा और गाजियाबाद में अकुशल श्रमिकों के वेतन में सीधे 2,377 रुपये की वृद्धि की गई है। अब तक इन क्षेत्रों में अकुशल श्रमिकों को मूल वेतन और महंगाई भत्ते सहित 11,313 रुपये मिलते थे, जो अब बढ़कर कम से कम 13,690 रुपये हो जाएंगे। अन्य नगर निगम वाले जिलों में यह राशि 13,006 रुपये और सामान्य जनपदों में 12,356 रुपये तय की गई है। अर्धकुशल श्रमिकों की श्रेणी में भी नोएडा और गाजियाबाद को प्राथमिकता दी गई है। यहां अब उन्हें 12,445 रुपये के स्थान पर 15,059 रुपये मिलेंगे, जो कि 2,614 रुपये का मासिक इजाफा है। अन्य नगर निगम क्षेत्रों में अर्धकुशल श्रमिकों को 14,306 रुपये प्राप्त होंगे।
कुशल श्रमिकों के लिए भी यह फैसला बड़ी राहत लेकर आया है। नोएडा और गाजियाबाद के कुशल कामगारों के वेतन में 2,928 रुपये की बड़ी बढ़ोतरी की गई है, जिससे अब उनकी न्यूनतम मजदूरी 13,940 रुपये से बढ़कर 16,868 रुपये हो गई है। प्रदेश के अन्य नगर निगम वाले जिलों में यह दर 16,025 रुपये और शेष जनपदों में 15,224 रुपये निर्धारित की गई है। सरकार के इस त्वरित फैसले को हालिया श्रमिक असंतोष को शांत करने और औद्योगिक शांति बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



