करनाल : सेक्टर-14 की मेन मार्केट में युवक आर्यन की हत्या के मामले में मंगलवार को पोस्टमार्टम हाउस पर उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक शव उठाने से इनकार कर दिया। परिजन आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। इसके बाद डीएसपी ने परिजनों से बातचीत कर उन्हें भरोसा दिलाया कि मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी और आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस के आश्वासन के बाद परिजन पोस्टमार्टम करवाने के लिए राजी हुए। दरअसल, 12 अक्तूबर को दोपहर करीब तीन बजे आर्यन अपने दोस्तों साहिब, करण वर्मा और चिराग के साथ सेक्टर-14 की मेन मार्केट में कार सेल-परचेज कार्यालय के ऊपर बने कमरे में बैठा था।
इसी दौरान 17 से 18 युवक वहां पहुंचे और लाठी-डंडों तथा चाकुओं से हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने आर्यन की छाती और सिर सहित शरीर के अन्य हिस्सों पर धारदार हथियार से कई वार किए। बीच-बचाव करने आए उसके दोस्तों के साथ भी मारपीट की गई। हमले में साहिब और करण उर्फ हरीश को भी चोटें आईं। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल आर्यन को पहले सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां से चिकित्सकों ने उसकी हालत को देखते हुए रेफर कर दिया। इसके बाद उसे दूसरे अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे चंडीगढ़ स्थित पीजीआई ले जाने की सलाह दी, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। चिकित्सा रिपोर्ट के अनुसार, उसके शरीर पर धारदार हथियार से लगी तीन चोटें दर्ज की गईं।
एक महीने पहले हुआ था विवाद – जानकारी के अनुसार आर्यन का करीब एक महीने पहले आरोपियों से विवाद हुआ था। इसके बाद वह दिल्ली चला गया था और दो-तीन दिन पहले ही वाहन चलाने का लाइसेंस बनवाने के लिए करनाल लौटा था। आरोप है कि उसके वापस आने की जानकारी मिलने के बाद हमलावरों ने दोस्तों के साथ कमरे में बैठे आर्यन पर हमला कर दिया। आर्यन दिल्ली में अपने पिता के साथ रहता था। वह परिवार का इकलौता बेटा था। छह महीने की उम्र में उसकी मां का निधन हो गया था, जिसके बाद उसकी दादी ने उसका पालन-पोषण किया। परिवार में अब उसकी दादी, पिता और बड़ी बहन हैं। युवक की मौत से परिवार में शोक की लहर है।



