नई दिल्ली। भारत के विभिन्न हिस्सों में अगले कुछ दिनों के दौरान मौसम का मिजाज एक बार फिर करवट लेने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण और सब-ट्रॉपिकल पश्चिमी जेट स्ट्रीम के सक्रिय होने से देश के कई राज्यों में मौसम की गतिविधियों में बदलाव देखा जाएगा। इसके प्रभाव से कहीं तेज हवाएं चलेंगी, तो कहीं बारिश और बर्फबारी का दौर शुरू होगा।मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि उत्तर-पश्चिम भारत में अगले दो से तीन दिनों तक 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सतही हवाएं चलने की संभावना है।
इसके साथ ही पहाड़ी इलाकों में सुबह और रात के समय घना कोहरा छाए रहने की चेतावनी जारी की गई है, जिससे दृश्यता कम हो सकती है और सड़क व हवाई यातायात पर असर पड़ सकता है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में 9 से 11 फरवरी के बीच मौसम बिगड़ने के आसार हैं। एक नया पश्चिमी विक्षोभ 8 फरवरी की रात से सक्रिय हो रहा है, जिसके प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी की संभावना है। 10 फरवरी को इन राज्यों के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश या बर्फबारी हो सकती है।
इस दौरान मौसम विभाग ने गरज-चमक, बिजली गिरने और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी आशंका जताई है। पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को ऊंचे इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। उत्तर भारत के कुछ राज्यों में घने कोहरे और कोल्ड डे (ठंडा दिन) जैसी स्थिति बनी रह सकती है। विशेष रूप से उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के मैदानी व घाटी वाले इलाकों में सुबह और रात के समय विजिबिलिटी काफी कम रह सकती है। कोहरे के कारण लंबी दूरी की ट्रेनों और उड़ानों के समय में भी देरी होने की संभावना है।



