HomeNationalभगवंत मान सरकार द्वारा पंजाब की की गई प्रगति बर्दाश्त न होने...

भगवंत मान सरकार द्वारा पंजाब की की गई प्रगति बर्दाश्त न होने के कारण विपक्ष ने विधानसभा से वॉकआउट किया: हरपाल सिंह चीमा

चंडीगढ़ : पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान पंजाब विधानसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के विकास एजेंडे की रूपरेखा पेश की और सदन से वॉकआउट करने वाले कांग्रेस सदस्यों की आलोचना करते हुए कहा कि वे इसलिए चले गए क्योंकि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार द्वारा की गई राज्य की प्रगति और विकास उन्हें बर्दाश्त नहीं हो रहा है।

युवा सशक्तिकरण और रोजगार पर पंजाब सरकार द्वारा दिया जा रहा विशेष ध्यान बताते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि ‘आप’ सरकार ने अपने कार्यकाल की शुरुआत 30,000 सरकारी नौकरियों के लिए विज्ञापन जारी करके एक मजबूत संदेश के साथ की थी। उन्होंने कहा, ‘अब तक राज्य सरकार ने पंजाब के युवाओं को 63,000 सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। इस ऐतिहासिक पहल ने युवा पीढ़ी का भरोसा राज्य सरकार में और मजबूत किया है और इससे युवाओं के विदेश जाने के रुझान पर भी रोक लगी है।’

कौशल विकास के बारे में बोलते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब सरकार ने तकनीकी शिक्षा को मजबूत करने के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इसके अलावा कौशल विकास की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए सरकार ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आई.टी.आई.) की क्षमता में 20,000 सीटों का विस्तार किया है। उन्होंने बताया कि पिछली सरकारों के दौरान पंजाब की 35,000 आई.टी.आई. सीटों में से कई खाली रह जाती थीं।

नशों के पूर्ण उन्मूलन के बारे में बोलते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि पिछली सत्ताधारी पार्टियां पंजाब में नशों की लत को रोकने में पूरी तरह असफल रहीं। उन्होंने सदन को याद दिलाया कि बदनाम शब्द ‘चिट्टा’ अकाली-भाजपा गठबंधन के कार्यकाल के दौरान पंजाब के माथे पर मढ़ा गया था। उन्होंने कहा, ‘कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 2017 की विधानसभा चुनावों के दौरान पवित्र गुटका साहिब हाथ में पकड़कर शपथ ली थी, लेकिन अपने शासनकाल में नशों को रोकने में वे भी पूरी तरह असफल रहे।’‘आप’ सरकार द्वारा नशों के खिलाफ की गई कार्रवाई का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, ‘इसके बिल्कुल उलट, ‘आप’ सरकार अपनी ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ मुहिम के द्वारा राज्य से नशों के धंधे को पूरी तरह समाप्त करने के लिए प्रयास कर रही है।’

सामाजिक न्याय और समानता के बारे में बोलते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने विपक्ष के नेता के रूप में अपने समय को याद किया और कहा कि पिछली सरकारों ने सरकारी वकीलों की भर्ती के दौरान अनुसूचित जाति आरक्षण की उनकी मांग को नजरअंदाज कर दिया था। उन्होंने कहा, ‘आज, ‘आप’ सरकार के अधीन, यह आरक्षण आधिकारिक तौर पर पेश किया गया है, जिसके नतीजे के रूप में समाज के कमजोर वर्गों से संबंधित 58 वकीलों की सफलतापूर्वक भर्ती की गई है।’

कृषि क्षेत्र में भगवंत मान सरकार के सिंचाई बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के प्रयासों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, ‘आप सरकार ने हजारों एकड़ कृषि योग्य भूमि के लिए नहर के पानी से सिंचाई सुनिश्चित की है, जो सिंचाई के लिए नहर के पानी से दशकों से वंचित थी।’अपने संबोधन के समापन में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मौजूदा सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया और घोषणा की कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ऐसी एकमात्र सरकार के रूप में डटी हुई है, जिसने पंजाब के लोगों से किए वादों और सभी गारंटियों को सफलतापूर्वक पूरा किया है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments