जम्मू। कल यानी 19 मार्च से शुरू होने जा रहे पावन चैत्र नवरात्र के दौरान श्री माता वैष्णो देवी आने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और श्राइन बोर्ड ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। उपराज्यपाल के निर्देशों के बाद श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सचिन कुमार वैश्य की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन की विस्तृत समीक्षा की गई।बैठक में निर्णय लिया गया कि यात्रा मार्ग पर आरएफआईडी कार्ड प्रणाली का सख्ती से पालन किया जाएगा। केवल वैध कार्ड धारकों को ही भवन की ओर जाने की अनुमति मिलेगी। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पूरे मार्ग को पांच जोन—कटड़ा, बाणगंगा, अर्धकुंवारी, ताराकोट-सांझीछत और भवन में बांटा गया है।
पुलिस, सीआरपीएफ और सेना के समन्वय से एक मजबूत सुरक्षा ग्रिड तैयार किया गया है, जिसमें त्वरित प्रतिक्रिया दल भी शामिल रहेंगे। आधुनिक वायरलेस उपकरणों और एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र के माध्यम से पूरे मार्ग की 24 घंटे रियल टाइम निगरानी की जाएगी। भीड़ अधिक होने की स्थिति में यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों पर भेजा जाएगा। कटड़ा शहर में यातायात सुचारू रखने के लिए अवैध पार्किंग के खिलाफ विशेष अभियान चलेगा। इसके अलावा, यात्रा मार्ग पर चलने वाले पिठू, पालकी और पोनीवालों का कड़ाई से सत्यापन किया जा रहा है ताकि फर्जीवाड़े को रोका जा सके।
दिव्यांग और बुजुर्ग यात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं – दिव्यांग और बुजुर्ग यात्रियों के लिए निहारिका परिसर में विशेष सहायता केंद्र बनाए गए हैं, जबकि सभी भोजनालयों में फलाहार की व्यवस्था रहेगी। नवरात्र को लेकर भक्तों में भारी उत्साह है, जिसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हेलीकॉप्टर, बैटरी कार, रोपवे और ठहरने की ऑनलाइन बुकिंग अभी से फुल हो चुकी है। बोर्ड को इस बार तीन से चार लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। सीईओ सचिन कुमार वैश्य ने बताया कि बोर्ड का लक्ष्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित और आध्यात्मिक वातावरण प्रदान करना है और सभी विभाग निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करने के लिए आपसी समन्वय से काम कर रहे हैं।
स्वर्ग सा महकेगा भवन, फूलों और फलों से सजावट – इस बार माता का भवन अलौकिक रूप में नजर आएगा। सजावट के लिए करीब 30 से 40 ट्रक देसी-विदेशी फूलों और 5 ट्रक फलों का उपयोग किया जा रहा है। 300 से अधिक विशेष कारीगर दिन-रात इस कार्य में जुटे हैं। प्राकृतिक सामग्रियों के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया है ताकि आग के खतरे को कम किया जा सके। भवन परिसर में शिव परिवार, राम दरबार और मां के नौ रूपों की भव्य झांकियां सजाई जा रही हैं, जिनमें अयोध्या के रामलला के दर्शन की झलक भी आकर्षण का केंद्र होगी।



