नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने भाजपा सरकार पर हमलाकर आरोप लगाया है कि उन्हें पेपर लीक जैसी समस्याओं को सुलझाने में कोई दिलचस्पी नहीं है, बल्कि वह इन पर होने वाली चर्चा को रोकने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। केजरीवाल का यह बयान तब आया जब उनके आप नेता संजय सिंह ने दावा किया कि प्रयागराज में उत्तर प्रदेश पुलिस और सरकारी अधिकारियों ने पेपर लीक मामले पर छात्रों के साथ उनकी चर्चा को बाधित करने का प्रयास किया।
दरअसल संजय सिंह ने वीडियो साझा कर घटना को तानाशाही की पराकाष्ठा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बंद कमरों में भी लाखों छात्रों के भविष्य पर चर्चा करने की अनुमति नहीं है और प्रशासन ने पेपर लीक जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर बातचीत को रोकने की कोशिश की। वीडियो में, आप सांसद सिंह ने अधिकारियों से सीधे सवाल किया कि क्या देश के लाखों छात्रों को प्रभावित करने वाले पेपर लीक के बारे में बात करना अब अपराध हो गया है। उन्होंने तर्क दिया कि वे किसी सार्वजनिक स्थान पर नहीं, बल्कि एक कॉन्फ्रेंस रूम में चर्चा कर रहे थे, और पूछा कि क्या लोकतंत्र में इसतरह के मुद्दों पर बात करना अपराध है।
यह घटनाक्रम नीट-यूजी 2026 परीक्षा को लेकर चल रहे देशव्यापी विवाद के बीच सामने आया है। पेपर लीक और प्रशासनिक खामियों के आरोपों के चलते यह परीक्षा 21 जून के लिए पुनर्निर्धारित की गई है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) इस मामले की गहन जांच कर रही है और कई गिरफ्तारियां भी हुई हैं, जबकि देश के विभिन्न हिस्सों में छात्र समूहों का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है।



