नई दिल्ली । आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आखिरकार लोधी एस्टेट में टाइप-6 श्रेणी का सरकारी बंगला आवंटित कर दिया गया है। एक साल से अधिक समय तक इंतजार और दिल्ली हाईकोर्ट की सख्ती के बाद यह आवंटन हुआ। 95, लोधी एस्टेट स्थित यह बंगला उन्हें प्रदान किया गया। सितंबर 2024 में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद केजरीवाल ने आधिकारिक निवास खाली कर दिया था और तब से वह आप सांसद अशोक मित्तल के सरकारी आवास में रह रहे थे। इससे पहले उनका फ्लैगस्टाफ रोड वाला आवास ‘शीश महल’ विवाद में आ चुका था।
हालांकि राष्ट्रीय पार्टी के संयोजकों को सरकारी आवास देने की नीति जुलाई 2014 से लागू है, लेकिन मंत्रालय की ओर से देरी के कारण मामला अदालत पहुंचा। हाईकोर्ट ने आवंटन में पारदर्शिता की मांग करते हुए केंद्र से जवाब मांगा और चेतावनी दी कि यह प्रक्रिया मनमानी नहीं हो सकती। आपकी ओर से पहले सुझाए गए बंगले को किसी और को आवंटित किए जाने पर कोर्ट ने नाराजगी जताई। केंद्र ने 25 सितंबर को 10 दिन में समाधान का आश्वासन दिया था। इस घटनाक्रम को आप ने न्याय की जीत बताया है, जबकि विपक्ष ने केंद्र की नीयत पर सवाल उठाए हैं। यह मामला अब राष्ट्रीय नेताओं को मिलने वाले सरकारी आवासों की नीति पर एक बड़ी बहस का विषय बन गया है।



