HomePunjabपंजाब में डेंगू के लार्वे पर ड्रोन रखेंगे पैनी नज़र

पंजाब में डेंगू के लार्वे पर ड्रोन रखेंगे पैनी नज़र

चंडीगढ़- वेक्टर-जनित बीमारियों के विरुद्ध लड़ाई में आधुनिक एरियल तकनीक का उपयोग करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने दुर्गम क्षेत्रों में मच्छरों के लार्वे को ट्रेस और नष्ट करने के लिए उन्नत ड्रोनों के उपयोग की शुरुआत की है। इस संबंध में, पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने आज मुंबई की कंपनी मैसर्ज़ किरण कॉरपोरेशन/एस.पी.वी. के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत पटियाला ज़िले के डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में 60 दिनों की आपातकालीन ड्रोन-आधारित लार्वीसाइड स्प्रे मुहिम शुरू की जाएगी। इस समझौते पर पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा एवं शोध मंत्री डॉ. बलबीर सिंह की उपस्थिति में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, पंजाब की ओर से निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. हितिंदर कौर और किरण कॉरपोरेशन, मुंबई की ओर से सचिन शेट्टी ने हस्ताक्षर किए।

इस अवसर पर बोलते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार वेक्टर जनित बीमारियों का मुकाबला करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है और इन बीमारियों को फैलने से पहले रोकने के लिए तकनीक-आधारित उपाय अपना रही है। मंत्री ने कहा, “केवल डेंगू के मामलों पर प्रतिक्रिया करने के बजाय, हमारा मुख्य ध्यान डेंगू के लार्वे को सक्रिय रूप से ट्रेस और नष्ट करने पर केंद्रित है। खड़े पानी के बड़े स्रोतों, छतों पर पानी जमा होने वाले स्थानों, खाली प्लॉटों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में हाथ से छिड़काव नहीं किया जा सकता। इस समस्या का समाधान करते हुए ड्रोन से अब मच्छरों के अधिक प्रजनन वाले स्थानों को कुशलता से कवर किया जाएगा।”डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि राज्य की सक्रिय पहल – ‘हर शुक्रवार डेंगू ते वार’ जैसी व्यापक जनजागरूकता मुहिम – के ज़मीनी स्तर पर महत्वपूर्ण परिणाम सामने आए हैं।

उन्होंने पंजाब भर में डेंगू के मामलों को कम करने और इस वर्ष डेंगू से संबंधित मौतों को शून्य तक घटाने का श्रेय साप्ताहिक रिसोर्स-रिडक्शन मुहिम, घर-घर जाकर लार्वे की निगरानी और मज़बूत सामुदायिक लामबंदी को दिया। इस परियोजना के बारे में विवरण देते हुए, स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस 60-दिनों के आपातकालीन वेक्टर नियंत्रण चक्र (चरण-1) के तहत, पटियाला ज़िले के उन चिह्नित डेंगू हॉटस्पॉट्स और मच्छर-प्रजनन वाले ऊंचे स्थानों में ड्रोन तैनात किए जाएंगे, जहां वर्ष 2025 में डेंगू बीमारी का भारी प्रकोप रहा था। इस उपाय में सरकार द्वारा अनुमोदित लार्वीसाइड/कीटनाशकों का हवाई छिड़काव, दैनिक फील्ड रिपोर्टिंग और वैज्ञानिक तरीके से लार्वा तथा वयस्क मच्छरों की गिनती संबंधी सर्वेक्षणों के माध्यम से परिणामों की निगरानी करना शामिल है।

डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग हॉटस्पॉट्स की पहचान, आवश्यक अनुमतियां, स्थानीय समन्वय और तकनीकी निगरानी की सुविधा देगा। उन्होंने कहा कि पूरी 60-दिनों की पहल गैर-वित्तीय आधार पर चलाई जा रही है, जिससे सरकारी खज़ाने पर कोई वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। लार्वा की संख्या में गिरावट का मूल्यांकन करने और अन्य ज़िलों में चरणबद्ध विस्तार की योजना बनाने के लिए परियोजना के पूरा होने के 10 दिनों के भीतर एक व्यापक समीक्षा की जाएगी।इस समझौते पर हस्ताक्षर करने के अवसर पर विशेष सचिव स्वास्थ्य-सह-एम.डी. नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) साक्षी साहनी, एम.डी. पंजाब हेल्थ सिस्टम्स कॉरपोरेशन (पीएचएससी) गौतम जैन और स्टेट प्रोग्राम ऑफिसर (एनवीबीडीसीपी) डॉ. अर्शदीप कौर उपस्थित थीं।

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